माधव महाविद्यालय के छात्रों ने दिलाई नशामुक्त जीवन की शपथ
ग्वालियर के माधव महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में 'मेरी सेहत, मेरा गर्व' थीम पर हेल्थ वॉक रन का आयोजन किया गया, जिसमें...

Gwalior | संवाददाता: संजय पांडेय
द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 7 अक्टूबर 2026
ग्वालियर के माधव महाविद्यालय में भारत सरकार के राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के निर्देशन में नशामुक्ति को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'मेरी सेहत, मेरा गर्व' थीम पर आधारित इस हेल्थ वॉक रन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। महादजी नगर से शुरू हुई यह मैराथन दौड़ केदारपुर में आकर संपन्न हुई, जिसमें तीन सौ से अधिक राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. अशुल श्रीवास्तव और माधव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा मौजूद रहे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और नागरिकों को नशामुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से शपथ दिलाई। इस अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय के एन.एस.एस. समन्वयक डॉ. हरीशकर कसाना, जिला संगठक डॉ. मनोज अवस्थी और एस.डी.आर.एफ. कमांडेंट धर्मेंद्र वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस जागरूकता रैली को रवाना किया।
युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण का संकल्प
डॉ. अशुल श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र का आधार स्तंभ होती है। देश का भविष्य तभी सुरक्षित और उज्ज्वल हो सकता है जब युवा स्वस्थ, अनुशासित और जागरूक रहें। उन्होंने 'मेरी सेहत, मेरा गर्व' को केवल एक नारा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने के लिए एक दृढ़ संकल्प बताया। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पाण्डेय और अन्य एन.एस.एस. अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक और हस्ताक्षर अभियान
नशा मुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए स्वयंसेवकों ने हस्ताक्षर अभियान और नुक्कड़ नाटकों का सहारा लिया। महाविद्यालय के कई प्राध्यापकों और एन.एस.एस. इकाई के सदस्यों ने इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेकर समाज को नशे के दुष्परिणामों से आगाह किया। 'नशा मुक्त विकसित भारत सौ सप्ताह' कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई इस दौड़ ने स्थानीय नागरिकों को भी नशे से दूर रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। माधव महाविद्यालय का यह प्रयास समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुआ है। बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों ने न केवल स्वयं नशा न करने का प्रण लिया, बल्कि समाज को भी इस बुराई के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी उठाई।
