लखनऊ में धर्म ज्योतिष सम्मेलन: पं. कृपाराम उपाध्याय को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
लखनऊ में आयोजित द्वितीय माँ अष्टभुजी राष्ट्रीय धर्म ज्योतिष सम्मेलन में भोपाल के पं. कृपाराम उपाध्याय को सनातन धर्म के प्रचार में योगदान के लिए...

भोपाल | संवाददाता: पंडित कृपाराम उपाध्याय
द क्लिफ न्यूज़ | लखनऊ | 21 सितंबर 2026
लखनऊ में 19 और 20 सितंबर 2026 को द्वितीय माँ अष्टभुजी राष्ट्रीय धर्म ज्योतिष सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस राष्ट्रीय स्तरीय सम्मेलन में भोपाल के प्रख्यात राजज्योतिषी धर्मगुरु पं. कृपाराम उपाध्याय को सनातन धर्म के प्रचार और ज्योतिष विद्या के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पं. उपाध्याय को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
डॉ. रजनी अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में देश भर से दो सौ से अधिक साधु-संत, विद्वान और ज्योतिष विशेषज्ञ शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से समाज में सकारात्मकता का प्रसार करना और सनातन संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा देना था।
सम्मेलन में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में धर्मगुरु एच एस रावत, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव नवीन कुमार और पूर्व एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अतिरिक्त, स्वामी सहजानंद, चित्रकूट अखाड़ा के महंत उमाशंकर शास्त्री, तंत्र सम्राट त्यागी बाबा, लालकिताब विशेषज्ञ रिभूकांत गोस्वामी और एस्ट्रो मानवेन्द्र रावत जैसे जाने-माने ज्योतिषियों ने ज्योतिषीय परंपराओं पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।
ज्योतिष की प्रासंगिकता पर गहन मंथन
सम्मेलन में पंडित राघव भट्ट, एस्ट्रो राजेश शर्मा, डी के जैन, डॉ. दिवाकरण, आचार्य पूजा अवस्थी, आचार्य सपना ठाकुर, डॉ. सुष्मिता मिश्रा, ओमप्रकाश त्रिपाठी, एंकर गार्गी, मीनू शर्मा, श्वेता खिलवानी, पंडित प्रकाश गौड़ और पंडित हरिओम जोशी सहित दो सौ से अधिक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उपस्थित विद्वानों ने सनातन परंपराओं के संरक्षण और आधुनिक संदर्भ में ज्योतिष विद्या की प्रासंगिकता पर गहन चर्चा की। उन्होंने ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से समाज में सकारात्मकता लाने के उपायों पर भी मंथन किया।
सम्मेलन के दौरान, पं. कृपाराम उपाध्याय को उनके ज्योतिष और सनातन धर्म के क्षेत्र में दीर्घकालिक और अमूल्य सेवाओं के लिए विशेष रूप से सराहा गया। उपस्थित विद्वानों ने उन्हें बधाई दी और इस आयोजन को ज्योतिष जगत के लिए एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पड़ाव बताया।
