BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

जीआरपी इटारसी ने 'ऑपरेशन हमदर्द' से मां-बच्चों को सकुशल लौटाया

इटारसी रेलवे पुलिस ने 20 सितंबर 2026 को गोरखपुर एक्सप्रेस से लापता हुई मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला और उसके दो बच्चों को चार लाख...

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
संवाददाता: मुकेश भदौरिया
जीआरपी इटारसी ने 'ऑपरेशन हमदर्द' से मां-बच्चों को सकुशल लौटाया

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 21 सितंबर 2026

रेलवे पुलिस बल (जीआरपी) इटारसी ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए, मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला और उसके दो मासूम बच्चों को सकुशल उनके परिजनों तक पहुँचाया है। यह घटना 20 सितंबर 2026 को सामने आई, जब दमोह निवासी महिला अपने बच्चों के साथ बिना किसी को बताए घर से निकली और गोरखपुर एक्सप्रेस में सफर कर रही थी। महिला के पास लगभग चार लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण भी थे, जिससे यह मामला अत्यंत संवेदनशील हो गया था।

पुलिस अधीक्षक रेल अंकित जायसवाल के निर्देशन और थाना प्रभारी संजय चौकसे के नेतृत्व में इस बचाव अभियान के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। भारी बारिश और घने अंधेरे के बीच, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए महिला और बच्चों की तलाश शुरू की। लगभग पांच घंटे की अथक मशक्कत के बाद, पुलिस टीम ने इटारसी चौपाटी के निकट महिला और उसके बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला।

'ऑपरेशन हमदर्द' का सफल क्रियान्वयन

जीआरपी इटारसी द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन हमदर्द' के तहत की गई इस कार्रवाई ने न केवल एक संभावित अनहोनी को टाला, बल्कि यह भी साबित किया कि यह अभियान समाज में भटके हुए लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है। महिला और बच्चों के सकुशल बरामद होने की खबर मिलते ही उनके परिजनों की आँखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

आभूषणों की सुरक्षा और परिवार को सौंपना

पुलिस ने महिला के पास मौजूद चार लाख रुपये के सोने के आभूषणों को भी सुरक्षित पाया। जीआरपी थाना इटारसी में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, महिला और बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की इस त्वरित, मानवीय और सफल कार्रवाई की स्थानीय समुदाय में व्यापक प्रशंसा की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बचाव अभियान में शामिल पूरी टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है, जिससे पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए प्रेरणा मिलेगी।