जेलों में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए मप्र में खुला पहला साइको सोशल केयर सेंटर
भोपाल की केंद्रीय जेल में प्रदेश का पहला 'साइको सोशल केयर सेंटर' खुला है। इसका उद्देश्य मानसिक रूप से बीमार बंदियों को परामर्श और सहयोग देना है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 25 सितंबर 2026
मध्यप्रदेश जेल विभाग ने बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुधार और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत, केंद्रीय जेल भोपाल में प्रदेश के पहले 'साइको सोशल केयर सेंटर' का शुभारंभ किया गया है। यह पहल राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), गांधीनगर, गुजरात के साथ हुए एक समझौता ज्ञापन का हिस्सा है, जिसे 'प्रोजेक्ट प्रहरी' के नाम से जाना जा रहा है।
जेल महानिदेशक एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर ने इस केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य जेलों में बंद उन कैदियों को आवश्यक परामर्श, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करना है जो मानसिक रूप से बीमार हैं, अत्यधिक तनाव में हैं या अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस पहल के माध्यम से बंदियों के बीच तनाव और अवसाद को कम करने, हिंसक व्यवहार की संभावनाओं को नियंत्रित करने और उनमें सकारात्मक सोच व आत्मविश्वास विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
प्रशिक्षित कर्मी देंगे परामर्श
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के सहयोग से जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये प्रशिक्षित अधिकारी और कर्मचारी अब बंदियों की मानसिक और सामाजिक समस्याओं का आकलन करेंगे और उन्हें उचित परामर्श व मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त, बंदियों में आत्मनियंत्रण, सामाजिक जिम्मेदारी की भावना, सकारात्मक दृष्टिकोण और व्यवहारगत सुधार लाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।
अन्य जेलों में विस्तार की योजना
केंद्रीय जेल भोपाल में स्थापित इस साइको सोशल केयर सेंटर की कार्यप्रणाली और इसके अनुभवों का गहन मूल्यांकन किया जाएगा। इस मूल्यांकन के निष्कर्षों के आधार पर, भविष्य में प्रदेश की अन्य जेलों में भी इस महत्वपूर्ण कार्ययोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
इस शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर के सदस्य डॉ. राकेश सिंह कुंवर, श्री प्रदीप रुसिया, श्री शुभम जैन, श्री ओम तिवारी, श्री सुमित रघुवंशी, तथा जेल अधीक्षक श्री मानेंद्र परिहार सहित केंद्रीय जेल भोपाल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
