डीजीपी ने बालाघाट के नए एसपी मलय जैन को दी शुभकामनाएं, चुनौतियों का किया जिक्र
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने बालाघाट के नवनियुक्त एसपी मलय जैन को सम्मानित किया और चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 7 नवंबर 2026
पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी श्री मलय जैन को बालाघाट के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर नई जिम्मेदारी मिलने के अवसर पर एक विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री कैलाश मकवाणा ने श्री जैन को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और बालाघाट में उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। डीजीपी ने कहा कि ‘सुनें सबकी, करें वही जो सही हो’ के मूलमंत्र का पालन करते हुए श्री जैन को निष्पक्ष निर्णय लेने चाहिए।
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने श्री मलय जैन के कार्य व्यवहार की प्रशंसा करते हुए बताया कि दिसंबर 2024 में उन्हें स्टाफ ऑफिसर के रूप में चयनित करते समय उनके ईमानदार, कर्मठ और विवादरहित आचरण को प्राथमिकता दी गई थी। स्टाफ ऑफिसर के तौर पर श्री जैन ने जनसुनवाई के आवेदनों की नियमित निगरानी और ट्रैकिंग के साथ-साथ उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल पुरस्कृत करने की व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से संचालित किया था।
बालाघाट की चुनौतियाँ और डीजीपी के अनुभव
समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी श्री मकवाणा ने बालाघाट जिले के पुलिसिंग के संदर्भ में अपने 32 वर्ष पूर्व के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि लगभग तीन दशक पहले यह जिला पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र था। उस समय संचार सुविधाओं का अभाव, घने जंगलों में लंबी पैदल गश्त और बारूदी सुरंगों जैसे गंभीर खतरों के बीच पुलिस बल को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना पड़ता था। डीजीपी ने कहा कि उस दौर में पुलिसकर्मियों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य बखूबी निभाए। उन्होंने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि पुलिस बल के निरंतर प्रयासों से आज बालाघाट में नक्सली समस्या को समाप्त करने में सफलता मिली है।
श्री मकवाणा ने वर्तमान एसपी के लिए जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे में जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में पुलिस बल का मनोबल बनाए रखना, सतर्कता कायम रखना और अब तक की उपलब्धियों को निरंतर बनाए रखना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने नवनियुक्त एसपी श्री मलय जैन को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि अधिकारी को सभी पक्षों की बात धैर्यपूर्वक सुननी चाहिए और तथ्यों व नियमों के आधार पर ही निष्पक्ष निर्णय लेना चाहिए। किसी भी अनुचित दबाव में आए बिना दृढ़ता से सही निर्णय लेना और अपनी संवेदनशीलता व सहजता बनाए रखना एक अच्छे पुलिस अधिकारी की पहचान है।
सहकर्मियों ने साझा की श्री जैन के साथ की स्मृतियां
समारोह के दौरान पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्री मलय जैन के साथ कार्य करने के दौरान के अपने अनुभव और संस्मरण साझा किए। वक्ताओं ने उनकी सकारात्मक कार्यशैली, सहज व्यवहार, परिपक्व नेतृत्व क्षमता और टीम को साथ लेकर चलने की विशेषता का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी श्री जैन मुस्कुराते हुए धैर्य और संयम के साथ कार्य करते रहे। आमजन और फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनना, उनसे सहजता से मिलना और उनके त्वरित निराकरण के लिए तत्पर रहना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
पुलिस मुख्यालय में विभिन्न दायित्वों के निर्वहन के दौरान श्री जैन ने मीडिया प्रकोष्ठ एवं सोशल मीडिया प्रबंधन, नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी’, साइबर अपराध जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक’, नवीन न्याय संहिता की प्रदर्शनी तथा जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपना बहुमूल्य योगदान दिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने सागर, नर्मदापुरम, टीकमगढ़ और हरदा जिलों में उनके पूर्व कार्यकाल के साथ-साथ एआईजी (प्रशासन) और पुलिस अकादमी में उप निदेशक के रूप में उनके कार्य-अनुभव और प्रशासनिक दक्षता की भी सराहना की।
समारोह के अंत में पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने श्री मलय जैन के साथ बिताए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा किया और उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं बालाघाट में सफल कार्यकाल की कामना की।
