जबलपुर: झंडे वाली माई परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, भक्तिमय हुआ माहौल
जबलपुर के छोटी ओमती स्थित झंडे वाली माई परिसर में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास से मनाया गया। पूर्व मंत्री...

आशीष नेमा, संवाददाता
द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 1 नवंबर 2026
जबलपुर के छोटी ओमती स्थित झंडे वाली माई परिसर में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान 30 अक्टूबर 2026 को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। श्रीकृष्ण जन्म की मनोहारी कथा के प्रसंग ने पूरे कथा पंडाल को भक्तिरस में डुबो दिया। इस पावन अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने 'जय श्रीकृष्ण' और 'जय जगन्नाथ' के जयघोष से संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आयोजन के दौरान मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री अंचल सोनकर ने अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित संदीप कृष्ण शास्त्री जी महाराज का तिलक लगाकर और पुष्पमाला से आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात विधि-विधान के साथ व्यास पीठ का पूजन संपन्न हुआ। लखनऊ से पधारे अशोक दीक्षित ने भी व्यास पीठ का पूजन-अर्चन कर धर्म लाभ लिया।
अपने संबोधन में पूर्व मंत्री अंचल सोनकर ने श्रीमद् भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण अत्यंत श्रद्धा और एकाग्रता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि घर से किसी भी कार्य के लिए निकलते समय माता-पिता का आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए, क्योंकि यही आशीर्वाद सफलता, सुख और संस्कारों का मूल आधार है। उन्होंने इस आयोजन को केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न बताते हुए, इसे जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाली आध्यात्मिक शिक्षा का स्रोत बताया।
भागवत कथा में विविध अवतारों का प्रसंग
कथावाचक पंडित संदीप कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने इस अवसर पर भगवान श्री नरसिंह अवतार, वामन अवतार तथा भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की पौराणिक कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कथा के माध्यम से भगवान के विभिन्न अवतारों की महिमा, धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से भगवान का स्मरण किया और 'जय जगन्नाथ महाराज' के उद्घोष से पंडाल को गुंजायमान कर दिया।
जन्मोत्सव पर लड्डू और खिलौनों का वितरण
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही पंडाल में श्रद्धा का अद्भुत वातावरण निर्मित हो गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप गुड़ के लड्डू एवं गुड़ का हरिरा वितरित किया गया। साथ ही, नन्हे-मुन्ने बच्चों को खिलौने बांटकर उनकी खुशियों में भी सहभागिता की गई। आयोजक सदासुख यादव परिवार एवं समस्त उत्कल यादव परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हो रहे हैं।
कथा का निरंतर आयोजन और सांस्कृतिक प्रभाव
यह कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। इन दिनों झंडे वाली माई परिसर भक्ति संगीत, आध्यात्मिक प्रवचन और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह और उनकी सक्रिय भागीदारी आयोजन की भव्यता को प्रदर्शित कर रही है। भक्ति की यह अविरल धारा क्षेत्र में धर्म और संस्कृति का संचार कर रही है, जिससे जबलपुर भक्ति और अध्यात्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है।
