गुना में मोबाइल कोर्ट ने भूमि विवाद सुलझाया, महिला को मिला कब्जा
गुना जिले के ग्राम कुशमौदा में कलेक्टर की पहल पर संचालित मोबाइल कोर्ट ने राजस्व संबंधी विवाद का मौके पर निपटारा कर शमा शर्मा को...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 23 अक्टूबर 2026
गुना जिले में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अभिनव पहल, मोबाइल कोर्ट व्यवस्था, अब भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निपटारे का एक प्रभावी माध्यम बन गई है। इसी कड़ी में 23 अक्टूबर 2026 को ग्राम कुशमौदा में राजस्व और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर एक पुराने भूमि विवाद का सफलतापूर्वक समाधान किया और आवेदिका शमा शर्मा को उनकी कानूनी भूमि का कब्जा दिलाया।
स्थानीय निवासी शमा शर्मा पत्नी नवल किशोर शर्मा ने प्रशासन के समक्ष सर्वे क्रमांक 255 से जुड़े भूखंड पर अपने अधिकारों और कब्जे को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी यह शिकायत लंबे समय से चली आ रही एक भूमि विवाद से संबंधित थी, जिसमें उन्होंने त्वरित हस्तक्षेप की मांग की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, कलेक्टर के निर्देश पर एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया।
भूमि विवाद का मौके पर समाधान
इस संयुक्त टीम में तहसीलदार शालिनी भार्गव, तहसीलदार मयंक तिवारी, थाना प्रभारी कैंट अनूप भार्गव, नायब तहसीलदार नरेंद्र यादव और नायब तहसीलदार आरती गौतम जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इनके अतिरिक्त, राजस्व निरीक्षक और पटवारी भी टीम का हिस्सा थे। अधिकारियों ने ग्राम कुशमौदा में विवादित स्थल का दौरा किया और पूरी बारीकी से भूमि का सीमांकन किया।
राजस्व और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय के साथ संपन्न हुई इस कार्रवाई के दौरान, सभी संबंधित पक्षों की उपस्थिति में नियमानुसार भूमि का परीक्षण किया गया। स्थल निरीक्षण और सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, टीम ने आवेदिका शमा शर्मा को उनकी आवंटित भूमि का विधिवत कब्जा सौंप दिया।
जनता को राहत, प्रशासन की पहल प्रभावी
प्रशासन की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही से आवेदिका शमा शर्मा को उनकी वर्षों पुरानी समस्या से बड़ी राहत मिली है। यह घटना दर्शाती है कि कलेक्टर द्वारा शुरू की गई मोबाइल कोर्ट व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते भूमि विवादों के समाधान में कितनी प्रभावी भूमिका निभा रही है। यह पहल न केवल न्याय प्रक्रिया को तेज करती है, बल्कि लोगों का सरकारी तंत्र में विश्वास भी बढ़ाती है। जिला प्रशासन का यह प्रयास आम नागरिकों के लिए न्याय सुलभ कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
