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गोण्डा: 7 वर्षीय धाविका ने रचा इतिहास, कारसेवक परिजन अयोध्या रवाना

गोण्डा में गांधी जयंती पर 7 वर्षीय अनामिका मिश्रा ने 30 किमी मैराथन पूरी कर इतिहास रचा। इसी दिन राम मंदिर आंदोलन के कारसेवकों के...

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•संवाददाता: बी पी त्रिपाठी
गोण्डा: 7 वर्षीय धाविका ने रचा इतिहास, कारसेवक परिजन अयोध्या रवाना

गोण्डा | संवाददाता: बी पी त्रिपाठी

द क्लिफ न्यूज़ | गोण्डा | 2 अक्टूबर 2026

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर गोण्डा जिले में शुक्रवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें सेवा भाव के साथ-साथ ऐतिहासिक उपलब्धियां भी चर्चा का विषय रहीं। इन आयोजनों ने नई पीढ़ी को सत्य, अहिंसा और सेवा के मूल्यों से प्रेरित किया। इस वर्ष, गांधी-शास्त्री जयंती ने एक अनूठी राष्ट्रीय भावना को जन्म दिया, जहाँ एक ओर राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवकों के परिजन अयोध्या के लिए रवाना हुए, वहीं दूसरी ओर एक नन्ही धाविका ने अपनी असाधारण सहनशक्ति और देशभक्ति का परिचय देते हुए मैराथन पूरी कर इतिहास रचा। इन दोनों घटनाओं ने जिले भर में उत्साह और प्रेरणा का संचार किया, जो गांधी-शास्त्री के आदर्शों के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

इस अवसर पर, राम मंदिर आंदोलन के कारसेवकों के परिजन और संघ विचार परिवार के कार्यकर्ता अयोध्या के कारसेवकपुरम में आयोजित जन्मशताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए उत्साहपूर्वक रवाना हुए। यह समारोह राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे स्वर्गीय अशोक सिंघल की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जो इस आंदोलन के मार्गदर्शक थे। बसों और निजी वाहनों से रवाना हुए इस दल में बड़ी संख्या में कारसेवकों के परिजन शामिल थे, जो उस ऐतिहासिक आंदोलन में अपने प्रियजनों के योगदान को याद कर रहे थे। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय बंसल और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही की उपस्थिति अपेक्षित है, जो इस समारोह की महत्ता को और बढ़ाते हैं। यह यात्रा कारसेवकों के बलिदान और समर्पण का प्रतीक है, जिन्हें देश हमेशा याद रखेगा।

नन्ही धाविका की साहसिक उपलब्धि

गांधी जयंती के अवसर पर, इटियाथोक ब्लॉक की सात वर्षीय छात्रा अनामिका मिश्रा ने अपनी असाधारण सहनशक्ति और देशभक्ति का प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया। उसने प्राथमिक विद्यालय भीखमपुरवा से गांधी पार्क तक की 30 किलोमीटर की मैराथन को तिरंगा थामे हुए मात्र 3 घंटे 40 मिनट में पूरा किया। यह उपलब्धि किसी भी सामान्य बच्चे के लिए अविश्वसनीय है, विशेषकर तब जब वह सात वर्ष की हो। अनामिका की इस शानदार उपलब्धि को देवीपाटन परिक्षेत्र के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला ने सराहा और उसे सम्मानित भी किया। उन्होंने अनामिका के साहस और समर्पण की प्रशंसा की और उसे भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। उसके पिता मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि अनामिका पिछले चार वर्षों से इस मैराथन के लिए नियमित प्रशिक्षण ले रही थी, जिससे उसकी सहनशक्ति में निरंतर वृद्धि हुई है। यह प्रशिक्षण केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता का भी प्रमाण है, जिसने उसे इतनी कम उम्र में एक असाधारण लक्ष्य हासिल करने में मदद की। अनामिका की यह दौड़ सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि देश के प्रति उसके प्रेम और समर्पण का प्रतीक बन गई है।

स्वच्छता का संदेश और स्वास्थ्य जागरूकता

स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से, जैनस इनिशिएटिव संस्था ने न्यू पब्लिक सिटी मोंटेसरी स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम गांधीजी के स्वच्छ भारत अभियान के मूल्यों को आगे बढ़ाता है, जो आज भी प्रासंगिक हैं। संस्था के संस्थापक डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से बताया और उन्हें नि:शुल्क हाइजीन किट वितरित कीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बचपन से ही स्वच्छता की अच्छी आदतें अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। हाइजीन किट में साबुन, टूथब्रश, टूथपेस्ट और अन्य आवश्यक सामग्रियां शामिल थीं, जिनका उपयोग बच्चों को स्वस्थ रहने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि कैसे साफ-सफाई न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे समुदाय के स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है। इस महत्वपूर्ण पहल की मुख्य अतिथि डॉ. आर.एस. मिश्रा ने भी सराहना की और इसे समाज के लिए एक आवश्यक कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करते हैं और उन्हें एक स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर करते हैं।

महापुरुषों को श्रद्धांजलि और सेवा कार्य

श्री चित्रगुप्त सभा द्वारा शास्त्री चौराहा स्थित लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री जी के सरल और अनुशासित जीवन को समर्पित था। सभा के अध्यक्ष अरविन्द श्रीवास्तव ‘गप्पू भैया’ ने शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्रसेवा के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने शास्त्री जी के उसूलों को याद किया, जिन्होंने देश को विषम परिस्थितियों में भी दिशा दी। अधिवक्ता अवनी रंजन और महाराज श्रीवास्तव ने भी शास्त्री जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनके त्यागपूर्ण जीवन को याद किया। उन्होंने शास्त्री जी की ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की, जो आज भी भारतीय राजनीति के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इस माल्यार्पण कार्यक्रम के माध्यम से, उपस्थित लोगों ने लाल बहादुर शास्त्री के विचारों को आत्मसात करने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन के निर्देशन में कुष्ठ सेवा केंद्र पर भी एक विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह सेवा कार्य गांधीजी के सेवा भाव और कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति के आदर्शों को दर्शाता है। स्वास्थ्य और जिलापूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा कुष्ठ रोगियों व दिव्यांगों को लंच पैकेट और फल वितरित किए गए। यह पहल इन जरूरतमंदों के जीवन में कुछ खुशी और राहत लाने के उद्देश्य से की गई थी। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में महापुरुषों के जीवन दर्शन पर चर्चा की गई, जिससे उपस्थित लोगों को प्रेरणा मिली। संगोष्ठी में गांधी और शास्त्री के अलावा अन्य महान नेताओं के जीवन से सीख लेने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में जिला कुष्ठ अधिकारी कार्यालय के कर्मियों और स्थानीय पदाधिकारियों ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता निभाई। इस प्रकार, गोण्डा जिले में मनाई गई गांधी-शास्त्री जयंती केवल एक औपचारिकता नहीं रही, बल्कि सत्य, अहिंसा, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का एक सार्थक माध्यम बनी। विभिन्न आयोजनों ने समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाकर सामूहिक चेतना का संचार किया, जो इन महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।