देवरी में पांच दिन में उखड़ी सड़क, लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
मध्य प्रदेश के देवरी में लोक निर्माण विभाग द्वारा कराई गई सड़क मरम्मत कुछ ही दिनों में उखड़ गई, जिससे गुणवत्ताहीन निर्माण सामग्री और भ्रष्टाचार...

देवरी जिला सागर मध्यप्रदेश | संवाददाता: त्रिवेंद्र जाट
द क्लिफ न्यूज़ | 7 नवंबर 2026
मध्य प्रदेश के देवरी शहर में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। झिन्ना पुलिया से हाईस्कूल और फोलाईन छीर से सेमराखेरी तक किए गए सड़क मरम्मत कार्य के महज पांच दिन बाद ही उखड़ने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। मरम्मत के बाद सड़क की ऊपरी डामर की परत उखड़ गई और वह गिट्टी के ढेर में तब्दील हो गई, जिसने विभाग की गुणवत्ताहीन निर्माण सामग्री के उपयोग की ओर इशारा किया है।
स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर इस मरम्मत कार्य की पोल खुलने पर तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। यह मार्ग पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा था, जिसकी देखरेख की जिम्मेदारी अब स्थानीय लोनिवि अधिकारियों के अधीन है। लगभग 30 महीने पहले एक करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क का नवीनीकरण कार्य कराया गया था, तब भी इसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगे थे। वर्तमान में, एसएमडीएस मद के तहत आनन-फानन में कराए गए इस मरम्मत कार्य को मानकों की अनदेखी का नतीजा माना जा रहा है, जो अब टिक नहीं सका। कांग्रेस नगर अध्यक्ष गौरव पाड़े ने इस मामले को भ्रष्टाचार का कीर्तिमान करार दिया है।
नगरपालिका क्षेत्र में भी सड़कों की बदहाली
लोनिवि के कार्य पर प्रश्नचिह्न के बीच, नगरपालिका क्षेत्र के भीतर भी सड़कों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सिविल लाइन और सहजपुर तिराहे जैसे क्षेत्रों में गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। यह स्थिति शहर में यातायात व्यवस्था को बाधित कर रही है और आम जनता को परेशानी में डाल रही है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिस सड़क पर हालिया मरम्मत कार्य हुआ है, उसके लिए 2.94 करोड़ रुपये का नया टेंडर जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, 16 करोड़ रुपये की दो-लेन सड़क के निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी प्रक्रियाधीन है। ऐसे में, वर्तमान में हुए खराब मरम्मत कार्य से जनता का विश्वास और भी डगमगा गया है।
विभागीय अधिकारियों के विरोधाभासी बयान
जब इस मामले में लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी उमाशंकर तिवारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने उक्त स्थानों पर विभाग द्वारा किसी भी मरम्मत कार्य के कराए जाने की अनभिज्ञता जताई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित ठेका एजेंसी को अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। अधिकारियों के इन विरोधाभासी बयानों ने विभागीय कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। जनता की यह अपेक्षा है कि सार्वजनिक धन का सदुपयोग हो और सड़कों का निर्माण व मरम्मत मानकों के अनुसार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
