अयोध्या दीपोत्सव: सीएम योगी का वार, 'गोलियां चलवाने वाले माफी मांगकर आएं'
अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे माफी मांगकर आएं। उन्होंने...

द क्लिफ न्यूज़ | अयोध्या | 7 नवंबर 2026
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शनिवार को 'दीपोत्सव 2026' का भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी उद्बोधन में ऐतिहासिक और राजनीतिक संदेश दिए। रामनगरी आस्था, संस्कृति और आधुनिक विकास के अनूठे संगम के रूप में सजी हुई थी, जहाँ सरयू तट पर लाखों दीयों की जगमगाहट ने त्रेतायुग की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन लोगों पर निशाना साधा जिन्होंने कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा, "जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे अयोध्या आएं, लेकिन माफी मांगकर आएं।"
मुख्यमंत्री ने रामकथा की मर्यादा और पवित्रता पर जोर देते हुए कहा कि कुछ लोग अपनी उच्छृंखल प्रवृत्ति के कारण कथाओं की पवित्रता को अपवित्र करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि आज की अयोध्या ने बड़ा परिवर्तन देखा है, जहां कभी केवल तीन घंटे बिजली मिलती थी, वहीं आज यह देश की एक 'स्मार्ट सिटी' के साथ-साथ 'सोलर सिटी' के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रही है। धर्मपथ, भक्तिपथ, श्रीराम पथ और जन्मभूमि पथ आज दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि लंबे समय तक अयोध्या की उपेक्षा हुई और राम के अस्तित्व को नकारने के प्रयास किए गए, लेकिन अब कम से कम उनके अस्तित्व को स्वीकार किया जा रहा है, जिसे वे वैचारिक विजय मानते हैं।
भव्य शोभायात्रा और रामलला का राजतिलक
दीपोत्सव की शुरुआत साकेत महाविद्यालय से निकली एक भव्य शोभायात्रा के साथ हुई, जिसमें रामायण आधारित झांकियों, लोक नृत्यों और 'जय श्रीराम' के जयघोषों ने रामनगरी को भक्तिमय कर दिया। इस शोभायात्रा में 14 राज्यों के करीब 500 से अधिक कलाकारों ने अपनी संस्कृतियों का प्रदर्शन किया। यात्रा में प्राचीन संस्कृति के साथ-साथ आधुनिक अयोध्या के विकास की झलक भी देखने को मिली, जिसमें स्वच्छता और डिजिटल प्रगति को प्रदर्शित करने वाले मॉडल शामिल थे।
शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची, जहां मुख्य दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरु वशिष्ठ की भूमिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सहयोगियों के साथ भगवान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों की अगवानी की, जो पुष्पक विमान के रूप में हेलिकॉप्टर से उतरे थे। इसके बाद, भगवान श्रीराम के स्वरूप रथ पर सवार होकर रामकथा पार्क पहुंचे, जिसका स्वागत मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने स्वयं रथ खींचकर किया। इस परंपरा के सजीव मंचन ने श्रद्धालुओं को रामराज्य की स्मृतियों से जोड़ा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान सीताराम के स्वरूपों की आरती की, जिसके बाद प्रमुख साधु-संतों ने उनका राजतिलक किया।
त्रेतायुग की स्मृतियों का स्मरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के मंच से अयोध्या की भव्यता और त्रेतायुग की स्मृतियों का स्मरण किया। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाईयों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की अयोध्या उसी त्रेतायुग का स्मरण करा रही है, जब 14 वर्ष का वनवास पूरा कर प्रभु श्रीराम अयोध्या लौटे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से रामलला के विराजमान होने के समय हुई पुष्पवर्षा का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की यह शक्ति और श्रीराम की चेतना वास्तव में भारत की चेतना, संस्कृति और संस्कार हैं। प्रभु श्रीराम भारत राष्ट्र के प्राण और आत्मसम्मान हैं।
इस उत्सव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सरयू के घाटों पर सजाए गए लाखों दीयों की रोशनी ने शाम को रामनगरी को अद्भुत रूप से जगमगा दिया, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान विकास का प्रतीक है। इस आयोजन ने देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं में गर्व और आनंद की भावना पैदा की है।
