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दंदरौआ धाम में बुढ़वा मंगल: छह लाख श्रद्धालुओं ने किए डॉक्टर हनुमान के दर्शन

भिंड के दंदरौआ धाम में बुढ़वा मंगल पर छह लाख श्रद्धालुओं ने डॉक्टर हनुमान के दर्शन किए। प्रशासन ने भीड़ के सुचारू प्रबंधन के लिए...

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संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
दंदरौआ धाम में बुढ़वा मंगल: छह लाख श्रद्धालुओं ने किए डॉक्टर हनुमान के दर्शन

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे

द क्लिफ न्यूज़ | 22 सितंबर 2026

भिंड स्थित सिद्धपीठ दंदरौआ धाम में बुढ़वा मंगल के पावन अवसर पर आस्था का एक अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। मंगलवार को भोर से ही मंदिर परिसर में डॉक्टर हनुमान के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। अनुमान है कि इस आयोजन में लगभग पांच से छह लाख श्रद्धालुओं ने पंक्तियों में खड़े होकर अपने आराध्य के दिव्य दर्शन प्राप्त किए और उनका आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं का आगमन सोमवार-मंगलवार की मध्य रात्रि से ही प्रारंभ हो गया था।

इस विशाल भीड़ के सुचारू प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पिछले पंद्रह दिनों से सघन तैयारियां की थीं। स्वयं कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने व्यवस्थाओं की कमान संभाली। एसपी वर्मा ने विभिन्न बैरिकेडिंग और संवेदनशील स्थानों का स्वयं निरीक्षण किया, जबकि कलेक्टर मीणा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखे।

सुरक्षा और सुगम दर्शन के कड़े इंतजाम

धाम परिसर में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे, जिसके तहत सात सौ से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इनके साथ ही नगर रक्षा समिति के सदस्यों और एक सौ पचास से अधिक मंदिर सेवादारों ने भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे क्षेत्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों और अन्य आधुनिक तकनीकी माध्यमों का प्रयोग किया गया।

यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मंदिर मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। निर्धारित पार्किंग स्थलों की व्यवस्था के कारण मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। श्रद्धालुओं ने प्रशासन द्वारा की गई इन विशेष व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से सराहना की। पूर्व-निर्धारित प्रवेश और निकास द्वारों के कारण, इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बावजूद, दर्शन प्रक्रिया बिना किसी बड़े व्यवधान के निर्बाध रूप से संपन्न हुई। यह सुरक्षा और सुगम दर्शन हेतु की गई व्यवस्था आयोजन के अंत तक प्रभावी बनी रही।