भिंड में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान: विधायक-कलेक्टर ने किया श्रमदान, सफाई कर्मियों का सम्मान
भिंड में गांधी जयंती पर 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत गौरी किनारे विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित हुआ। विधायक और कलेक्टर ने श्रमदान कर सफाई...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 2 अक्टूबर 2026
भिंड जिला मुख्यालय पर सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत 'सेवा मेरा योगदान' अभियान के तहत विशेष स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह और जिला कलेक्टर ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए गौरी किनारे स्थित चंदू की तिवारिया पर प्रशासनिक अधिकारियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर श्रमदान किया। इस सामूहिक प्रयास का उद्देश्य जनमानस तक स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश पहुंचाना था।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण सफाई कर्मियों का सम्मान समारोह रहा। अतिथियों द्वारा स्वच्छता के अग्रदूतों को फूलमाला पहनाकर और मेडल से सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से समाज में सफाई कर्मियों के अमूल्य योगदान को रेखांकित करने और उनके प्रति सम्मान का भाव विकसित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प भी दिलाया गया।
स्वच्छता के प्रति सामूहिक प्रयास
यह आयोजन 'स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत' के मूल मंत्र को चरितार्थ करता नजर आया। कार्यक्रम में जनभागीदारी का व्यापक स्तर देखा गया, जो शहर में स्वच्छता के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। इस अवसर पर जिला पंचायत भिण्ड के सीईओ वीर सिंह चौहान, डिप्टी कलेक्टर, नगर पालिका सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस सामूहिक प्रयास ने शहर में स्वच्छता के प्रति एक नई लहर पैदा की है।
यह आयोजन, जो गांधी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम न होकर, जमीनी स्तर पर स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। विधायक और कलेक्टर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की प्रत्यक्ष भागीदारी ने न केवल आम जनता के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया, बल्कि सफाई कर्मियों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्हें सम्मानित करके, आयोजकों ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें लगे हर व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए।
गौरी किनारे स्थित चंदू की तिवारिया जैसे सार्वजनिक स्थानों पर श्रमदान करने से यह स्पष्ट हुआ कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे व्यवहार में भी उतारा जा रहा है। इस प्रकार के प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से लोगों में अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की प्रेरणा मिलती है। प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाने का संकल्प भी इस बात का सूचक है कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।
आयोजन में विभिन्न सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, गैर-सरकारी संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी ने 'जनभागीदारी' के महत्व को उजागर किया। जब समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ आकर किसी नेक काम के लिए हाथ बंटाते हैं, तो उसके परिणाम निश्चित रूप से अधिक प्रभावी होते हैं। यह दर्शाता है कि भिंड के नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक हैं और इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं। इस कार्यक्रम से उत्पन्न हुई सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखना और इसे निरंतर जारी रखना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
