भिण्ड में संबल और सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
भिण्ड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में संबल योजना और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 21 सितंबर 2026
भिण्ड कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री जन-सहायता (सीएम हेल्पलाइन) और संबल योजना से जुड़े विभिन्न लंबित प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के सख्त निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि आमजन को राहत मिल सके, इसके लिए समय पर जवाब दर्ज किए जाएं।
बैठक के दौरान, कलेक्टर ने बुढ़वा मंगल पर्व के आयोजन की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेटिंग, विद्युत आपूर्ति और चलित शौचालयों जैसी आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, सेवा संकल्प अभियान के तहत नियमित रूप से आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के फोटोग्राफ्स सीएम इवेंट पोर्टल पर अपलोड करने को भी कहा गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को जिला और ब्लॉक स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
विकासोन्मुख योजनाओं की समीक्षा और निर्देश
कलेक्टर ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को 'विकसित भारत' की थीम पर पचास फीट की पेंटिंग तैयार करने की योजना बनाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उद्यम क्रांति योजना, पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा और पीएमएफएमई जैसी विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया गया। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी अनुबंधित श्रमिकों का प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन (पीएम मानधन) योजना में पंजीकरण कराने का आदेश दिया गया। यह सुनिश्चित किया गया कि सौ दिन से अधिक पुराने अनुग्रह सहायता के सभी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके। टीएल (समय सीमा) पत्रों की समीक्षा के दौरान, सभी जिला अधिकारियों को जवाब निर्धारित समय-सीमा में दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
