बलरामपुर में झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में तेजी के निर्देश
बलरामपुर के जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण कर समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण तथा सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए।

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 21 सितंबर 2026
बलरामपुर के जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने निर्माणाधीन झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज के स्थल का दौरा कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने इस बात पर बल दिया कि किसी भी विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण परियोजना का कार्य बाधित नहीं होना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने विद्युत पोल शिफ्टिंग के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का आदेश दिया। उन्होंने आम नागरिकों को आवागमन में कम से कम असुविधा हो, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा। इसके लिए, सर्विस रोड के चौड़ीकरण और यातायात प्रबंधन को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्माण सामग्री या गतिविधियों के कारण सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें
जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अत्यंत कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्माण क्षेत्र में उचित बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी अनजान व्यक्ति का कार्यस्थल में प्रवेश रोका जा सके। रात्रि के समय भी सुरक्षा मानकों की दृश्यता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
परियोजना की नियमित निगरानी और गुणवत्ता पर जोर
अंत में, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना की नियमित रूप से निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने पुनः इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए, समयबद्ध तरीके से कार्य को पूरा करना अनिवार्य है। इस निरीक्षण के दौरान एडीएम न्यायिक, सेतु निगम के सहायक अभियंता आलोक शुक्ल, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यदायी संस्था को यह भी निर्देशित किया गया कि वे उपलब्ध संसाधनों और जनशक्ति का प्रभावी ढंग से उपयोग करें, ताकि निर्माण कार्य में निरंतरता बनी रहे और परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी हो सके।
