बलरामपुर में गणपति महोत्सव का भव्य समापन, जयकारों के बीच बप्पा को दी गई विदाई
बलरामपुर शहर में गणपति महोत्सव का समापन सोमवार को धूमधाम से हुआ। वीर विनय चौराहे से शुरू हुई शोभायात्रा सिसई घाट पर विसर्जित हुई, जहां...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 21 सितंबर 2026
बलरामपुर शहर में गणपति महोत्सव का समापन सोमवार को एक भव्य विसर्जन शोभायात्रा के साथ संपन्न हुआ। पूरे दिन गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से शहर गूंजता रहा, जबकि श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए और डीजे की धुन पर नाचते हुए अपने प्रिय बप्पा को अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण दिया। इस वर्ष के महोत्सव में युवाओं के साथ-साथ महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
दसवें वार्षिक गणपति महोत्सव का विधिवत शुभारंभ वीर विनय चौराहे पर एक विशेष समारोह में हुआ। इस अवसर पर गेल्हापुर मंदिर के महंत बृजानंद महाराज, सदर विधायक पल्टूराम, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू और अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसके बाद समिति के अध्यक्ष अविनाश मिश्र ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। समिति की ओर से अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया गया।
भव्य शोभायात्रा का मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था
गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए निकाली गई यह शोभायात्रा वीर विनय चौराहे से प्रारंभ हुई, जिसने शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए अपना सफर तय किया। शोभायात्रा का मार्ग मेन चौक, ठठेरी बाजार, गर्ल्स कॉलेज और देवीदयाल तिराहा से होते हुए राप्ती नदी के सिसई घाट तक पहुँचा। इस दौरान श्रद्धालुओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था, जो गणपति बप्पा के जयघोष के साथ डीजे की धुनों पर थिरक रहे थे। पुलिस प्रशासन द्वारा इस विशाल आयोजन को सकुशल संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए थे। सीओ सिटी अभिषेक सिंह और नगर कोतवाल संतोष मिश्र स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो सके और भक्तजन निर्बाध रूप से अपनी आस्था का प्रदर्शन कर सकें।
सिसई घाट पर विधि-विधान से विसर्जन
राप्ती नदी के सिसई घाट पर पहुंचकर, जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणेश प्रतिमाओं का विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। यह क्षण अत्यंत भावुक करने वाला था, जहाँ भक्तों की आँखों में बप्पा को विदा करने का दुःख और अगले वर्ष उनके पुनः आगमन की आशा दोनों झलक रही थीं। स्थानीय निवासियों ने बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव से गणपति बप्पा को अगले वर्ष पुनः आने का आह्वान करते हुए विदाई दी। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों के अथक परिश्रम और उत्कृष्ट समन्वय के कारण यह पूरा गणपति महोत्सव और विसर्जन कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा, जो शहरवासियों के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। इस वर्ष के महोत्सव की सफलता ने आगामी वर्षों के लिए एक उच्च मापदंड स्थापित किया है।
