बलरामपुर: एसएसबी ने सीमावर्ती नैकिनिया गांव में लगाया स्वास्थ्य शिविर
सशस्त्र सीमा बल की नौवीं वाहिनी ने बलरामपुर के नैकिनिया गांव में निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया, जिसमें 90 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं...

बलरामपुर | संवाददाता: प्रमोद पाण्डेय
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 22 सितंबर 2026
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की नौवीं वाहिनी ने मंगलवार को बलरामपुर जिले के सीमावर्ती गांव नैकिनिया में एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना और स्थानीय समुदाय के साथ सामंजस्य स्थापित करना था। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य की देखभाल करना और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सलाह प्रदान करना था, विशेषकर उन लोगों के लिए जो अक्सर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं।
कमांडेंट मनोरंजन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में संपन्न हुए इस शिविर का संचालन सहायक कमांडेंट डॉ. अरुण चौधरी की देखरेख में हुआ। चिकित्सा दल ने गांव के कुल 90 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की। इसमें 51 पुरुष, 33 महिलाएं और छह बच्चे शामिल थे। जांच के उपरांत, सभी जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं। यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को उनकी आवश्यकतानुसार दवाएं मिलें, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हो सके।
मौसमी रोगों से बचाव और स्वच्छता पर जोर
शिविर के दौरान, एसएसबी के चिकित्सकों ने ग्रामीणों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संतुलित आहार और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। विशेष रूप से, बारिश के मौसम में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव के तरीकों और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने समझाते हुए बताया कि किस प्रकार स्वच्छ्ता बनाए रखने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने मौसमी बीमारियों जैसे कि डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में ग्राम प्रधान सोनू सिंह ने भी सहयोग प्रदान किया। उन्होंने ग्रामीणों को शिविर का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया और आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में मदद की। एसएसबी अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के कल्याणकारी आयोजनों से सीमावर्ती निवासियों के बीच जनविश्वास को मजबूत करने में मदद मिलती है। यह बल और आम जनता के बीच एक सकारात्मक संबंध स्थापित करता है, जिससे सुरक्षा और विकास दोनों को बढ़ावा मिलता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें। एसएसबी ने इस आयोजन के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और सीमावर्ती आबादी के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। यह प्रतिबद्धता सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एसएसबी की भूमिका को उजागर करती है। शिविर का समापन ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह के साथ किया गया, ताकि वे अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकें।
