भिंड का सुच्चापुरा शत-प्रतिशत पंजीकृत गाँव, सीएम रजिस्ट्री से मिला मालिकाना हक
भिंड जिले के सुच्चापुरा में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत शत-प्रतिशत निःशुल्क ई-पंजीयन पूरा हुआ। मंत्री राकेश शुक्ला ने अंतिम लाभार्थियों को स्वामित्व अधिकार पत्र...

Bhind | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 6 नवंबर 2026
भिंड जिले के ग्राम सुच्चापुरा ने मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत शत-प्रतिशत निःशुल्क ई-पंजीयन पूर्ण कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैधानिक स्वामित्व प्रदान किया गया है। धनतेरस के अवसर पर आयोजित एक विशेष अभियान के तहत, विकासखण्ड मेहगांव के इस ग्राम में अंतिम दो लाभार्थियों, श्रीमती रामरती देवी और श्रीमती आशा देवी का पंजीयन नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने अपने हाथों से पूर्ण किया। इस उपलब्धि के साथ, सुच्चापुरा तहसील गोरमी का पहला ऐसा गाँव बन गया है जहाँ स्वामित्व योजना के अंतर्गत सभी पात्र संपत्ति का पंजीयन पूरा हो चुका है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह महत्वपूर्ण पहल ग्रामीण परिवारों के जीवन में समृद्धि ला रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार स्वयं स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क का वहन कर रही है, जिससे ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि संपत्ति के वैध दस्तावेज प्राप्त होने से जमीन और मकानों से जुड़े विवादों में कमी आएगी, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
ग्रामीणों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का अधिकार
मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना न केवल ग्रामीणों का मान-सम्मान बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें अपनी भूमि का कानूनी स्वामी बनाकर सशक्त भी बना रही है। योजना के तहत सभी पात्र मकानों और भूखंडों की रजिस्ट्री पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास का एक नया अध्याय प्रारम्भ हुआ है। यह जनकल्याणकारी पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ ही परिवारों को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर रही है।
इस अवसर पर मेहगांव के एसडीएम नवनीत शर्मा, जनपद सीईओ राजीव मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण आबादी में अपनी संपत्ति के प्रति स्वामित्व की भावना मजबूत हुई है और वे अब अपनी भूमि का बेहतर उपयोग कर सकेंगे।
