बलरामपुर भाजपा संगोष्ठी: सरदार पटेल के आदर्शों से कार्यकर्ताओं को मिली प्रेरणा
बलरामपुर में भाजपा पिछड़ा मोर्चा द्वारा आयोजित जिला संगोष्ठी में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर चर्चा...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 29 अक्टूबर 2026
बलरामपुर के अटल भवन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पिछड़ा मोर्चा द्वारा लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में एक जिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरदार पटेल के जीवन, उनके संघर्षों और विशेषकर देश की विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर गहन मंथन किया। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य सरदार पटेल के राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना और उसे धरातल पर उतारना था।
भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, जो कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे, ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रसेवा और अटूट दृढ़ इच्छाशक्ति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने अपनी दूरदर्शिता से भारत को भौगोलिक और राजनीतिक रूप से एक राष्ट्र के रूप में स्थापित किया, जो आज भी भारतीयों के लिए एक शक्तिशाली प्रेरणा स्रोत बना हुआ है। श्री मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने तथा समाज में एकता और समरसता की भावना को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर मंथन
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रिंस वर्मा ने भारतीय इतिहास में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को सदैव अविस्मरणीय बताया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नई पीढ़ी को सरदार पटेल के विचारों, उनके ऐतिहासिक कार्यों और देश के एकीकरण में उनकी भूमिका से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। संगोष्ठी में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सरदार पटेल के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को साझा किया और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता, जिनमें बृजेंद्र तिवारी, साधना पाण्डेय, अवधेश तिवारी तरुण, अवधेश पाण्डेय, राजाराम गौतम, अनिल यादव, राकेश गुप्ता, राहुल सोनी, उग्रसेन निषाद, ज्ञान चंद्र सोनी, अमन चौहान, अशोक योगी और संदीप उपाध्याय प्रमुख थे, मौजूद रहे। इस जिला संगोष्ठी के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सरदार पटेल के सिद्धांतों को अपनाकर ही देश की एकता और अखंडता को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।
