अटेर किले में पर्यटन विकास की योजना, चंबल में अवैध उत्खनन पर रोक के निर्देश
भिंड कलेक्टर व एसपी ने अटेर किले का निरीक्षण कर पर्यटन विकास की रूपरेखा तैयार की। चंबल नदी तट पर अवैध रेत उत्खनन रोकने हेतु...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
द क्लिफ न्यूज़ | 29 अक्टूबर 2026
भिंड जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक संपदाओं की सुरक्षा के उद्देश्य से कलेक्टर पवन जैन और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने अटेर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण संयुक्त दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ऐतिहासिक अटेर किले के पर्यटन विकास की संभावनाएं तलाशना और चंबल नदी के तटीय इलाकों में हो रहे अवैध रेत उत्खनन को रोकना था।
कलेक्टर पवन जैन ने ऐतिहासिक अटेर किले की स्थापत्य कला और यहां उपलब्ध पर्यटक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह किला क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण धरोहर है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन को मिलकर प्रभावी पर्यटन विकास योजनाएं तैयार करनी होंगी। इस योजना के तहत किले के जीर्णोद्धार और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
चंबल तट पर अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के अगले चरण में, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने चंबल नदी के तटीय इलाकों का दौरा किया। यहां अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए एसडीएम और पुलिस को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर जैन ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि अवैध उत्खनन में संलिप्त माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।
उन्होंने नदी के संवेदनशील रास्तों पर गश्त बढ़ाने तथा चेक पोस्ट को सक्रिय करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि अवैध गतिविधियों में पकड़े जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
इस दौरान एसडीएम अटेर, डिप्टी कलेक्टर कविता, एसडीओपी रविन्द्र वास्कले और थाना प्रभारी सहित राजस्व, वन व पुलिस विभाग का अमला उपस्थित रहा। वरिष्ठ अधिकारियों ने अधीनस्थ अमले को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निर्देशित किया। यह दौरा ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य जिले की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
