इंडिया गठबंधन की रैली ‘फ्लॉप शो’, राहुल गांधी के दावों पर संबित पात्रा का पलटवार
संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने रैली में 10 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया था।

द क्लिफ़ न्यूज़, नई दिल्ली।
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। रैली समाप्त होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने इसे पूरी तरह ‘फ्लॉप शो’ बताते हुए दावा किया कि विपक्षी गठबंधन अपेक्षित भीड़ जुटाने में विफल रहा।
संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने रैली में 10 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया था, लेकिन रामलीला मैदान की तस्वीरें कुछ और ही स्थिति दर्शाती हैं। उन्होंने दावा किया कि मैदान का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा मंच और उसके सामने निर्धारित स्थान के लिए इस्तेमाल हुआ, जबकि शेष क्षेत्र का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा खाली दिखाई दिया।
पात्रा के अनुसार, रैली स्थल पर लगभग 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं। उन्होंने दोपहर तीन से चार बजे के बीच रिकॉर्ड किए गए वीडियो का हवाला देते हुए विपक्ष के भीड़ संबंधी दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सुबह से रैली की गतिविधियों और राहुल गांधी के भाषण पर नजर रख रही थी, लेकिन पूरा आयोजन समय की बर्बादी साबित हुआ।
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि केंद्र सरकार और प्रशासन विभिन्न राज्यों से दिल्ली पहुंचने वाले विपक्षी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों को रोक रहे हैं।
पात्रा ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वास्तव में लोगों को रोका गया है तो विपक्ष को संबंधित स्थानों के वीडियो और ठोस प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि किस व्यक्ति को, किस स्थान पर और किसके निर्देश पर रोका गया।
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन अपनी कमजोर तैयारियों और अपेक्षा से कम भीड़ जुटने की स्थिति को छिपाने के लिए प्रशासन पर दोष मढ़ रहा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं के दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए।
दूसरी ओर, राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को रैली का प्रमुख मुद्दा बताया। हालांकि, रैली में उपस्थित लोगों की वास्तविक संख्या का कोई स्वतंत्र सत्यापित आकलन सामने नहीं आया है। ऐसे में भीड़ को लेकर भाजपा और विपक्ष के दावे राजनीतिक विवाद का विषय बने हुए हैं।
