‘भाजपा का साथ, सबका विनाश’: रामलीला मैदान से ममता बनर्जी का केंद्र और चुनाव आयोग पर हमला
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में लूट की राजनीति को बढ़ावा दिया है।

नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026। राजधानी के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी, केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग, चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर और जनता के अधिकारों को कमजोर करने के गंभीर आरोप लगाए।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में लूट की राजनीति को बढ़ावा दिया है। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं और संपत्तियों का उल्लेख करते हुए राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे तथा वक्फ संपत्तियों को लेकर भी भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाया है।
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी के पास अपना मजबूत जनाधार और स्वतंत्र संगठनात्मक शक्ति नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन और पुलिस के सहारे राजनीतिक गतिविधियों को संचालित करती है तथा विरोधियों की आवाज दबाने का प्रयास करती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चित नारे ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर कटाक्ष करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अब देश में स्थिति बदल गई है और भाजपा की राजनीति का नया नारा ‘भाजपा का साथ, सबका विनाश’ बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से आम नागरिकों के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को विशेष रूप से निशाने पर लिया। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘वैनिश-वैनिश, यस पापा’ कविता सुनाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ममता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों, मतगणना और चुनावी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं ने चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि उसे हराया गया। ममता बनर्जी ने कहा कि वह लोकतांत्रिक और राजनीतिक तरीके से इस कथित अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगी।
अपने भाषण के अंतिम हिस्से में ममता बनर्जी ने विशेष रूप से देश के युवाओं और जेन-जी पीढ़ी से लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा और अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
