यूपीआई शुल्क के विरोध में इटावा के व्यापारी, पीएम को सौंपा ज्ञापन
इटावा के व्यापारियों ने 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले प्रस्तावित शुल्क का विरोध किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री...

इटावा | संवाददाता: मनोज कुमार
द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 7 अक्टूबर 2026
इटावा में पंद्रह अक्टूबर से दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई (UPI) लेनदेन पर प्रस्तावित शून्य दशमलव शून्य चार प्रतिशत ट्रांजैक्शन शुल्क के खिलाफ व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले एकत्र हुए स्थानीय व्यापारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें इस शुल्क को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है।
व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने, जिसका नेतृत्व प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित और जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार कठेरिया ने संयुक्त रूप से किया, ज्ञापन में चिंता व्यक्त की कि प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा और बाजार में मंदी को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न करों का भुगतान कर रहे हैं, ऐसे में डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने से उनकी आर्थिक स्थिति और प्रभावित होगी।
डिजिटल इंडिया के आह्वान पर अपनाया डिजिटल भुगतान
संगठन के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री के 'डिजिटल इंडिया' और 'कैशलेस इकोनॉमी' के आह्वान का पालन करते हुए देश के छोटे-बड़े सभी व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान प्रणालियों को सहर्ष स्वीकार किया है। गली-कूचे के छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यवसायी तक अब डिजिटल माध्यमों से लेन-देन कर रहे हैं। इस संदर्भ में, डिजिटल लेन-देन पर शुल्क लगाना व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
शुल्क लागू होने पर लौट सकते हैं नकदी की ओर
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि यह शुल्क लागू किया जाता है, तो डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलने के बजाय, व्यापारी और ग्राहक वापस नकदी लेन-देन की ओर लौट सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसका सीधा नुकसान देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को होगा और सरकार के कुल राजस्व पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, उन्होंने सरकार से मांग की है कि डिजिटल लेन-देन को पूरी तरह से नि:शुल्क और सुरक्षित बनाए रखा जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में हाजी शेख आफताब, अशोक जाटव, रियाज अब्बासी, सोनू अग्रवाल, राहुल दीक्षित और देव गुप्ता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में शुल्क वापसी की मांग दोहराई।
