यूजीसी नीतियों के विरोध में भोपाल में अखंड ब्राह्मण सेवा समिति का प्रदर्शन
अखंड ब्राह्मण सेवा समिति ने भोपाल में यूजीसी की नई नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर इन्हें वापस लेने की मांग की। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा...

भोपाल | संवाददाता: पंडित सुमित्रा शुक्ला
द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 26 सितंबर 2026
अखंड ब्राह्मण सेवा समिति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू की गई नई नीतियों के विरोध में भोपाल में एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया है। पंडित के. के. द्विवेदी के नेतृत्व में सैकड़ों सदस्यों और पदाधिकारियों ने इन नीतियों को जनहित और छात्रहित के विरुद्ध बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई।
समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्लेटिनम प्लाजा से रोशनपुरा चौराहे तक एक अनुशासित पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित मोना थापक, प्रदेश अध्यक्ष पंडित रश्मि मिश्रा, प्रदेश संगठन मंत्री पंडित सुमित्रा शुक्ला, प्रदेश सचिव पंडित सोनू पांडे, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष पंडित सिद्धार्थ अवस्थी सहित पंडित युवराज मिश्रा, पंडित जे. पी. मिश्रा, पंडित के. के. मिश्रा, पंडित दीपक द्विवेदी, पंडित भारती शर्मा और पंडित सुहानी दीक्षित जैसे प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर यूजीसी की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
राज्यपाल को सौंपा गया ज्ञापन, नीतियों पर पुनर्विचार की मांग
पैदल मार्च के समापन पर, संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सरकार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की विवादित नीतियों पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए। समिति ने इन नियमों को अविलंब वापस लेने की पुरजोर अपील की है।
चेतावनी: नीतियां वापस न लेने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन
इस अवसर पर, राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित मोना थापक और प्रदेश महासचिव पंडित के. के. द्विवेदी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग इन नीतियों को वापस नहीं लेता है, तो अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भविष्य में और अधिक उग्र रुख अपनाने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि संगठन अपनी मांगों को मनवाने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने में भी पीछे नहीं हटेगा।
यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसमें शामिल सदस्यों ने अपनी मांगों के प्रति स्पष्ट और दृढ़ रुख प्रदर्शित किया। प्रशासन और संबंधित सरकारी विभागों को सौंपे गए ज्ञापनों पर अब समिति आगामी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही है।
