स्थापना दिवस पर नरसिंहगढ़ की माटी से भोपाल में लगेगा संकल्प वृक्ष
भोपाल के शौर्य स्मारक में 1 नवंबर को संकल्प वृक्षारोपण होगा। नरसिंहगढ़ की बाबा बैजनाथ महादेव की भूमि से मिट्टी का संग्रहण कर सेना को...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 8 अक्टूबर 2026
मध्यप्रदेश अपना 71वां स्थापना दिवस एक नवंबर को धूमधाम से मनाएगा। इस अवसर पर राजधानी भोपाल के शौर्य स्मारक में एक विशेष संकल्प वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम की खासियत यह है कि इसमें प्रदेश के नरसिंहगढ़ क्षेत्र की ऐतिहासिक बाबा बैजनाथ महादेव की पवित्र भूमि से लाई गई मिट्टी का उपयोग किया जाएगा। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।
आगामी एक नवंबर को होने वाले इस वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए नरसिंहगढ़ से मिट्टी संग्रहण का कार्य पूरी निष्ठा से संपन्न किया गया। फोर एमपी बटालियन एनसीसी भोपाल के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल सुब्रतो चक्रवर्ती के मार्गदर्शन में यह प्रक्रिया पूरी हुई। इस महत्वपूर्ण कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और एनसीसी कैडेट्स ने सक्रिय भूमिका निभाई।
स्थानीय नेताओं की भागीदारी और प्रतीकात्मक महत्व
नरसिंहगढ़ के विधायक मोहन शर्मा ने स्वयं इस पवित्र मिट्टी से भरे कलश को विधिवत रूप से सेना के अधिकारियों को सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह वृक्षारोपण केवल एक सामान्य पौधा लगाने का कार्य नहीं है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली विरासत और देशभक्ति की भावना को एक साथ जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है। विधायक शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं द्वारा दिखाए जा रहे उत्साह और सक्रियता की विशेष रूप से सराहना की।
एनसीसी की भूमिका और युवाओं का उत्साह
शासकीय महाविद्यालय की एनसीसी इकाई के लेफ्टिनेंट डॉ. दिलीप कुमार गोस्वामी ने बताया कि एनसीसी की यह इकाई इस महत्वपूर्ण अभियान में अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ सहभागिता निभाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह आयोजन राज्य के गौरव और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा। इस दौरान सूबेदार मेजर पृथ्वी सिंह, महाविद्यालय के प्राचार्य बी.डी. सक्सेना सहित कई गणमान्य नागरिक और युवा मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन में लेफ्टिनेंट डॉ. दिलीप कुमार गोस्वामी और विष्णु झालासर ने संयुक्त रूप से योगदान दिया। स्थानीय युवाओं में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है, जो मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के महत्व को और भी बढ़ाता है।
