स्कूलों में कम उपस्थिति पर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों को नोटिस जारी
गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने राघौगढ़ के शाहपुर स्कूल में कम उपस्थिति पर नाराजगी जताई। जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 9 अक्टूबर 2026
गुना जिले के कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने शुक्रवार को राघौगढ़ क्षेत्र के दौरे के दौरान एकीकृत शासकीय स्कूल शाहपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में विद्यार्थियों की अपेक्षित संख्या से कम उपस्थिति पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत किए गए इस दौरे में कलेक्टर ने स्वयं विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित छात्रों से उनकी पढ़ाई के स्तर और विभिन्न विषयों को लेकर प्रश्न पूछे। कलेक्टर ने शिक्षकों को सरल और प्रभावी शिक्षण विधियों के प्रयोग की सलाह दी, ताकि छात्र आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख सकें और सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बना सकें। इस निरीक्षण के दौरान चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची और जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ भी कलेक्टर के साथ मौजूद थे।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर कन्याल ने अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में स्पष्ट किया कि जिले में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में जिले द्वारा हासिल की गई प्रगति का भी उल्लेख किया। कलेक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष गुना जिले के तीन विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया था, वहीं 2,700 विद्यार्थियों को लैपटॉप का वितरण किया गया था।
अन्य सरकारी संस्थाओं का भी जायजा
स्कूल निरीक्षण के पश्चात्, कलेक्टर ने अपने भ्रमण के अगले चरण में ग्राम पंचायत नसीरपुर कार्यालय का भी जायजा लिया और वहां की कार्यप्रणाली को समझा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शाहपुर स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने बच्चों को खाद्य सामग्री वितरित की और केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। अपने निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने एक शासकीय उचित मूल्य दुकान का भी अवलोकन किया और वहां के संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इन विभिन्न निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और संचालित व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाना है।
