रामगंगा में एक लाख मछली अंगुलिकाओं का संचय, जलीय तंत्र को मिलेगा बल
बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा नदी में एक लाख मछली अंगुलिकाओं का संचय किया गया। यह उत्तर प्रदेश सरकार की रिवर रैंचिंग योजना का...

अफसार खान संवाददाता बरेली | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 9 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'रिवर रैंचिंग' योजना के तहत बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा नदी में एक लाख मछली की अंगुलिकाओं का संचय किया गया। शुक्रवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नदियों में मत्स्य संपदा को पुनर्जीवित करना और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना है।
इस कार्यक्रम में बिथरी चैनपुर के विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक गायत्री पांडेय ने बताया कि यह पहल नदियों की जैव विविधता और जल की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने नदियों में बढ़ते प्रदूषण और मानवीय हस्तक्षेप के कारण मछलियों की प्रजातियों की घटती संख्या और प्रभावित प्रजनन क्षमता पर चिंता व्यक्त की।
मत्स्य संपदा को बढ़ावा देने की पहल
सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मत्स्य विकास निगम की हैचरियों में तैयार किए गए मत्स्य बीज को गंगा, यमुना, रामगंगा, राप्ती, घाघरा, गंडक और बेतवा जैसी प्रमुख नदियों में छोड़ा जा रहा है। इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य नदी में मछलियों की संख्या में वृद्धि कर मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर जलीय जीवन चक्र को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
विभाग ने स्पष्ट किया कि जलीय संसाधनों के संरक्षण के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रखे जाएंगे। यह कदम नदियों में मछलियों की आबादी को फिर से स्थापित करने और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में एक सुनियोजित प्रयास है।
