राजू भाई को पंडित रामचरनलाल मिश्र की 111वीं जयंती पर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
जौरा में स्वतंत्रता सेनानी पंडित रामचरनलाल मिश्र की 111वीं जयंती पर आयोजित समारोह में अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी डॉ. पी.वी. राजगोपाल ‘राजू भाई’ को सम्मानित किया गया।

JOURA DISTRICT-MORENA | संवाददाता: दिनेश सिकरवार
द क्लिफ न्यूज़ | जौरा | 7 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के जौरा में बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व विधायक पंडित रामचरनलाल मिश्र की 111वीं जयंती का आयोजन एक भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। पंडित रामचरनलाल मिश्र स्मृति न्यास द्वारा जौरा के पुराने बस स्टैंड स्थित मिश्र वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी के सामाजिक सरोकारों और जनसेवा की लंबी विरासत को याद किया गया। इस अवसर पर महात्मा गांधी सेवा आश्रम, जौरा की 56 वर्षों की यात्रा पर भी प्रकाश डाला गया, जो इस क्षेत्र में गांधीवादी विचारधारा के विस्तार का प्रतीक है।
इस गरिमामय समारोह का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी और गांधीवादी चिंतक डॉ. पी.वी. राजगोपाल ‘राजू भाई’ को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करना रहा। दशकों तक सामाजिक न्याय, शांति और अहिंसा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस सम्मान के तहत उन्हें एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपये की राशि और एक अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। डॉ. राजगोपाल, जिन्होंने केरल से आकर चंबल को अपनी कर्मभूमि बनाया, ने इस क्षेत्र की दस्यु समस्या के समाधान और सामाजिक परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें इससे पूर्व जापान के प्रतिष्ठित निवानो शांति पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है, जो उनके वैश्विक शांति प्रयासों की गवाही देता है।
पंडित रामचरनलाल मिश्र की विरासत को नमन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, झारखंड के राजद के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक गौतम सागर राणा ने पंडित रामचरनलाल मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राजनीतिक जीवन को सेवा का पर्याय बताया। उन्होंने स्मरण किया कि पंडित मिश्र ने जौरा विधानसभा क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व किया और इस दौरान उन्होंने सत्ता से अधिक जनविश्वास को महत्व दिया। राणा ने कहा कि पंडित मिश्र के विचारों और आदर्शों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनके विचारों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना एक महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है, जो उनके दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करेगा।
सामाजिक न्याय और जनसेवा के व्यापक संदर्भ
न्यास के वरिष्ठ न्यासी एवं पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्र ने इस आयोजन का सफल संयोजन करते हुए इसे सामाजिक न्याय और जनसेवा के व्यापक संदर्भों से जोड़ा। उन्होंने इस जयंती समारोह के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य केवल स्मृतियों को ताजा करना ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को गांधीवादी मूल्यों और सिद्धांतों से जोड़ना भी है। यह आयोजन युवाओं को सामाजिक कार्यों के प्रति प्रेरित करने और उन्हें सेवा की भावना से जोड़ने का एक मंच प्रदान करता है। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और पूजा-अर्चना के साथ किया गया, जिसने एक आध्यात्मिक और पवित्र वातावरण का सृजन किया। शिक्षिका नीतू बघेल ने अपने मधुर स्वागत गीत से अतिथियों का अभिनंदन किया, जबकि वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जगदीश शुक्ला ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया।
चंबल अंचल में शांति स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान
वक्ताओं ने चंबल अंचल में शांति स्थापना के लिए डॉ. एस.एन. सुब्बाराव ‘भाई जी’ के साथ डॉ. राजगोपाल द्वारा किए गए अथक प्रयासों को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजू भाई का संपूर्ण जीवन वंचित और शोषित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। उनके कार्यों ने समाज के हाशिये पर खड़े लोगों को आवाज दी और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो इस आयोजन की महत्ता को दर्शाता है। अंत में, इंजीनियर देवदत्त मिश्रा ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह आयोजन जौरा में शांति, अहिंसा और सामाजिक समरसता के संदेश को और अधिक मजबूती देने में सफल सिद्ध हुआ, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना। इस दौरान अनेक समाजसेवी महिलाएं और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
