राहुल गांधी ने एमपी-यूपी के नेताओं संग आगामी चुनावों की रणनीति पर किया मंथन
नई दिल्ली में राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। आगामी संगठनात्मक चुनावों की रणनीति पर...

New Delhi | संवाददाता: शशि भूषण दुबे कंचनीय
द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 7 नवंबर 2026
नई दिल्ली में शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच एक अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले आगामी संगठनात्मक चुनावों को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी रणनीतियों को अंतिम रूप देने और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
बैठक में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए। नेताओं ने आगामी चुनावों में पार्टी की विजय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक रणनीतिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया।
चुनाव तैयारियों और भावी चुनौतियों पर विशेष चर्चा
बैठक के दौरान, उपस्थित नेताओं ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों का जायजा लिया। संगठन को कैसे सशक्त बनाया जाए और जनता के बीच पार्टी की पैठ कैसे बढ़ाई जाए, इस पर विस्तार से चर्चा हुई। नेताओं ने चुनावी चुनौतियों का सामना करने के लिए नए दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति व्यक्त की।
दिग्विजय सिंह की पदयात्रा को मिली शुभकामनाएं
इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक की प्रस्तावित पदयात्रा का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में उपस्थित सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उनकी इस यात्रा के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। माना जा रहा है कि यह पदयात्रा आगामी चुनावों के मद्देनजर पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान साबित हो सकती है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में हुई यह बैठक पार्टी के भीतर नई ऊर्जा का संचार करने और आगामी चुनावी रणभेरी के लिए तैयार होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इन चर्चाओं के आधार पर कांग्रेस अपनी चुनावी गतिविधियों को और गति प्रदान करेगी, जिससे संगठन को आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार किया जा सके।
