पिपरगांव प्रधान पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे व वसूली का आरोप, DM ने दिए जांच के आदेश
फर्रुखाबाद में पिपरगांव ग्राम प्रधान पर स्कूल की जमीन किराए पर देने और मनरेगा के बजाय जेसीबी से चकरोट निर्माण कराने का आरोप है। जिलाधिकारी...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 11 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद जिले के विकास खण्ड मोहम्मदाबाद की ग्राम पंचायत पिपरगांव में ग्राम प्रधान पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के संबंध में जिलाधिकारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे करवाए जा रहे हैं और उससे वसूली की जा रही है।
ग्रामीण निवासी शैलेश दीक्षित ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर बताया है कि गाटा संख्या 1336, जो कि 1.060300 हेक्टेयर रकबा है, प्राथमिक विद्यालय के नाम दर्ज है। इस सरकारी भूमि को कथित तौर पर ग्राम प्रधान द्वारा प्रति बीघा 10,000 रुपये वार्षिक किराए पर रामवीर, विशाल और रंगीललाल जैसे व्यक्तियों को आवंटित किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस प्रकार प्रधान सरकारी संपत्ति से अवैध रूप से धन की वसूली कर रहे हैं।
चकरोट निर्माण में मनरेगा श्रमिकों की अनदेखी
शैलेश दीक्षित ने अपने एक अन्य प्रार्थना पत्र में ग्राम सभा में चकरोट निर्माण के दौरान बरती जा रही अनियमितताओं का भी खुलासा किया है। शिकायत के अनुसार, शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कि चकरोट निर्माण का कार्य केवल मनरेगा श्रमिकों के माध्यम से ही कराया जाए, ग्राम प्रधान द्वारा अपनी मनमानी से जेसीबी मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। इस कथित मनमानी और नियमों के उल्लंघन पर जब ग्रामीणों ने विरोध जताया, तो प्रधान द्वारा उन्हें धमकी दिए जाने का भी दावा किया गया है। आरोप है कि प्रधान ने कहा कि उन्हें किसी भी शिकायत का डर नहीं है और वे अपनी मर्जी से काम करने के लिए स्वतंत्र हैं।
सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग की आशंका
इन गंभीर शिकायतों के अलावा, गाटा संख्या 858, जिसका रकबा 0.393 हेक्टेयर है, में मिट्टी डालने के काम में भी अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई गई है। जिलाधिकारी ने इन सभी गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन अब इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत पड़ताल करेगा ताकि सरकारी संपत्ति के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
पिपरगांव के ग्रामीणों को अब जिला प्रशासन द्वारा की जाने वाली इस जांच के निष्कर्षों का बेसब्री से इंतजार है। उन्हें उम्मीद है कि इस जांच से ग्राम प्रधान की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों पर से पर्दा उठेगा और सच्चाई सामने आएगी।
