पी.वी. राजगोपाल को जौरा में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा
गांधीवादी विचारक पी.व्ही.राजगोपाल को समाज सेवा और चंबल अंचल में शांति स्थापना के प्रयासों के लिए 7 अक्टूबर 2026 को जौरा में लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: दिनेश सिकरवार
द क्लिफ न्यूज़ | जौरा | 5 अक्टूबर 2026
प्रख्यात गांधीवादी विचारक और एकता परिषद के अंतर्राष्ट्रीय समन्वयक पी.व्ही.राजगोपाल को उनकी वर्षों की समर्पित समाज सेवा और जनकल्याणी जीवन-शैली के लिए लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह गरिमामय पुरस्कार वितरण समारोह आगामी 7 अक्टूबर 2026 को जौरा स्थित मिश्र वाटिका में दोपहर तीन बजे आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक गौतम सागर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
इस महत्वपूर्ण आयोजन की जानकारी पं.रामचरन लाल मिश्र स्मृति न्यास के संस्थापक ट्रस्टी और पूर्व विधायक महेशदत्त मिश्र ने दी। उन्होंने बताया कि यह आयोजन उनके पिता स्वर्गीय रामचरन लाल मिश्र की 111वीं जयंती के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। न्यास द्वारा गठित जूरी ने पी.व्ही.राजगोपाल के नाम का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया है, जिसे ट्रस्ट ने सहर्ष स्वीकार किया है। पुरस्कार महात्मा गांधी सेवा आश्रम, जौरा के अध्यक्ष को प्रदान किया जाएगा।
चंबल अंचल में शांति और विकास के प्रणेता
पी.व्ही.राजगोपाल का चंबल अंचल में शांति स्थापना और इसके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। महात्मा गांधी सेवा आश्रम की स्थापना के उपरांत से ही वे इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। विशेष रूप से, जौरा में हुए सामूहिक बागी आत्म-समर्पण के दौरान उनकी भूमिका अत्यंत निर्णायक साबित हुई थी। उन्होंने गांधी आश्रम के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. एस.एन. सुब्बाराव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपना पूरा जीवन इस क्षेत्र की सेवा में समर्पित कर दिया है। राजगोपाल की कार्यशैली और उनके स्थापित आदर्शों ने चंबल अंचल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई है।
राष्ट्रीय स्तर पर गांधीवादी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
इस प्रतिष्ठित समारोह में देश भर से अनेक गांधीवादी कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियां शामिल होंगी। न्यास द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम राजगोपाल के आजीवन सेवा कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है। यह पुरस्कार एक ऐसे गांधीवादी विचारक को सम्मानित करने के लिए है, जिन्होंने अपने निरंतर प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। स्थानीय स्तर पर इस भव्य आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
