फर्रुखाबाद: उद्यमियों की समस्याओं पर अहम बैठक, अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई उद्योग बंधु बैठक में लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण और सड़कों पर अवैध अतिक्रमण व आवारा गोवंश पर...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 24 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद के कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु एवं व्यापार बंधु की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों और व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं का समाधान खोजना और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था। जिलाधिकारी ने बैठक में जोर देकर कहा कि उद्यमियों और व्यापारियों का कल्याण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान, निवेश मित्र पोर्टल, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना के कार्यान्वयन की प्रगति का गहन जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करें ताकि योजनाओं का लाभ पात्र उद्यमियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।
अतिक्रमण और आवारा गोवंश पर कसी नकेल
शहर में सड़कों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण और आवारा गोवंश की समस्या को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिशासी अधिकारियों को इन समस्याओं के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी साफ किया कि सड़कों पर पशु छोड़ने वाले गोपालकों के खिलाफ नियमानुसार अर्थदंड लगाया जाएगा, जिससे इस समस्या पर अंकुश लगाया जा सके।
बंदरों के आतंक से निपटने के लिए समन्वय
इसके अतिरिक्त, बंदरों के उत्पात से नागरिकों को हो रही परेशानी के समाधान हेतु भी बैठक में चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने नगर पालिका और वन विभाग को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर बंदरों की समस्या से निपटने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाएं। उन्होंने इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी।
जिलाधिकारी ने उपस्थित व्यापारियों से भी अपील की कि वे आमजन को आवारा पशुओं के प्रति जागरूक करने और एक स्वच्छ व सुरक्षित बाजार व्यवस्था स्थापित करने में प्रशासन का सहयोग करें। अवैध अतिक्रमण के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान, यदि व्यापारी अस्थाई दुकानदारों को जागरूक करने के बाद भी अवैध अतिक्रमण करते पाए जाते हैं, तो संबंधित दुकानदार पर ₹500 का अर्थदंड लगाया जाएगा। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्योग एवं व्यापार बंधु के प्रतिनिधि और अनेक व्यापारी शामिल हुए।
