फर्रुखाबाद: राशन कालाबाजारी में उचित दर विक्रेता का अनुबंध निरस्त, मां-बेटे पर मुकदमा
फर्रुखाबाद के कमालगंज में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटित राशन की कालाबाजारी के आरोप में मां-बेटे के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 23 सितंबर 2026
फर्रुखाबाद जनपद के कमालगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत अहमदपुर देवरिया में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित होने वाले खाद्यान्न में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए उचित दर विक्रेता मीना देवी की राशन दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इस अनियमितता में मीना देवी और उनके पुत्र अंकित कटियार के खिलाफ जहानगंज थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई गई है।
पूर्ति विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, विक्रेता के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद पूर्ति निरीक्षक सदर ने अहमदपुर देवरिया गांव में स्थित राशन दुकान का स्थल निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई कि सरकारी कोटे के तहत आवंटित 40.611 क्विंटल गेहूं, 65.149 क्विंटल चावल, 34.400 क्विंटल बाजरा और 29 किलोग्राम चीनी की कालाबाजारी या डायवर्जन किया गया था। इसके अलावा, दुकान के संचालन और खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में भी नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया, जिससे पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित सामग्री नहीं मिल पा रही थी।
अनियमितताओं पर डीएम का अनुमोदन और कार्रवाई
इस गंभीर मामले में जिलाधिकारी द्वारा 22 सितंबर 2026 को जारी किए गए अनुमोदन आदेश के अनुपालन में ही यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने विक्रेता मीना देवी और उनके पुत्र अंकित कटियार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अन्य विक्रेताओं को चेतावनी, सख्त संदेश
इस घटना के मद्देनज़र, पूर्ति विभाग ने जिले के अन्य सभी उचित दर विक्रेताओं को एक सख्त चेतावनी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही या कालाबाजारी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी शिकायतें मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध न केवल कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी, बल्कि विधिक शिकंजे भी कसे जाएंगे। प्रशासन ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि राशन कार्ड धारकों को नियमानुसार सामग्री उपलब्ध कराना सभी विक्रेताओं के लिए अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
