फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र की जांच हो, भाकियू ने सौंपा ज्ञापन
फर्रुखाबाद में भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले की जांच और किसानों की विभिन्न समस्याओं के...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 5 अक्टूबर 2026
भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति (भाकियू) ने विभिन्न गंभीर मुद्दों को लेकर फर्रुखाबाद में नगर मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने विशेष रूप से सिंधी कॉलोनी निवासी राहुल प्रताप सिंह से जुड़े कथित फर्जी दृष्टिबाधित प्रमाण पत्र की तत्काल जांच और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
संगठन के जिला अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस प्रमाण पत्र को फर्जी घोषित किए जाने के बावजूद, अब तक संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। भाकियू ने प्रशासन को दस दिनों की अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
किसानों को मुआवजा और दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं पर ध्यान देने की मांग
ज्ञापन में हाल ही में हुई भारी बारिश से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने का भी प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। भाकियू ने जिला प्रशासन से फसलों के नुकसान का त्वरित सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर पच्चीस हजार रुपये की दर से उचित मुआवजा वितरित करने की पुरजोर मांग की है।
इसके अतिरिक्त, सजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के तहत पंजीकृत दुग्ध उत्पादक किसानों के समक्ष आ रही समस्याओं को भी उजागर किया गया। किसानों ने कंपनी द्वारा दूध का उचित मूल्य न दिए जाने और भुगतान में की जा रही अनियमितताओं का आरोप लगाया है। फैट और एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) जांच में कथित धांधली के साथ-साथ टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) और बोनस के नाम पर की जा रही कटौती से किसान अत्यधिक परेशान हैं।
भाकियू ने कंपनी के सुपरवाइजर अनिल यादव, एरिया मैनेजर सोहनदेव और प्लांट हेड गौतम गुर्जर की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। संगठन ने प्रशासन से इन सभी मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है। भाकियू ने स्पष्ट किया कि वे किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे और अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन तेज कर सकते हैं।
