नशे में बस चलाने वाले दो चालकों पर न्यायालय ने लगाया ₹20,000 का जुर्माना
दमोह में नशे में बस चला रहे दो चालकों पर न्यायालय ने ₹20,000 का जुर्माना लगाया। यातायात पुलिस ने रात्रि चेकिंग में पकड़ा था, जिससे...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 29 सितंबर 2026
सड़क सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए दमोह यातायात पुलिस ने नशे में यात्री बसें संचालित करने वाले दो चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। यातायात निरीक्षक श्रीमती आकांक्षा जोशी और उनके दल द्वारा रात्रि गश्त के दौरान की गई औचक जांच में दो यात्री बसों के चालक शराब के नशे में पाए गए। इन चालकों द्वारा की जा रही यह गंभीर लापरवाही यात्रियों की जान को सीधे तौर पर खतरे में डाल सकती थी।
जांच के दौरान, बस क्रमांक MP-15-PA-1554 और MP-34-P-1166 के चालकों का ब्रेथ एनालाइजर से परीक्षण किया गया, जिसमें नशे की पुष्टि हुई। यातायात पुलिस ने दोनों बसों को तत्काल जब्त कर लिया और मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।
यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता, न्यायालय का सख्त फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए, माननीय न्यायालय ने दोनों दोषी चालकों पर ₹10,000-₹10,000 का अर्थदंड लगाया है। इस प्रकार, कुल ₹20,000 का जुर्माना लगाया गया है। न्यायालय के इस निर्णय से नशे में वाहन चलाने वालों के लिए एक कड़ा संदेश गया है, जो सड़क पर अन्य यात्रियों की सुरक्षा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को रेखांकित करता है। इस राशि का भुगतान न केवल उनके गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार का परिणाम है, बल्कि भविष्य में ऐसे कार्यों से परहेज करने की प्रेरणा भी देता है।
लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू
यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के उद्देश्य से, दोनों दोषी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने के लिए संबंधित परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि नशे में वाहन चलाने वाले व्यक्ति सार्वजनिक सड़कों पर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में न डालें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, और ऐसे कृत्यों के गंभीर परिणाम होंगे।
पुलिस प्रशासन ने सभी वाहन संचालकों से आह्वान किया है कि वे नशा मुक्त होकर ही वाहन चलाएं। यह न केवल कानूनी आवश्यकता है, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है। यातायात पुलिस का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना और सड़क हादसों को कम करना है। इन जांचों का उद्देश्य चालकों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है, जो यह दर्शाता है कि वे भी सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लेते हैं और ऐसे प्रयासों का समर्थन करते हैं।
