नर्मदापुरम में विराजेश्वर महागणपति की भव्य महाआरती, 56 भोग अर्पित
नर्मदापुरम में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया के निवास पर विराजेश्वर महागणपति का विशेष पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर 56 दिव्य भोग अर्पित किए गए...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 22 सितंबर 2026
नर्मदापुरम में सोमवार देर शाम राज्यसभा सांसद माया नारोलिया के निज निवास पर विराजे विराजेश्वर महागणपति का विशेष पूजन, 56 भोग अर्पण और भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। यह धार्मिक उत्सव भक्ति और श्रद्धा के अनूठे संगम के रूप में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया।
आचार्य सोमेश परसाई के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में भगवान श्री गणेश का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। गणेशोत्सव को सामाजिक एकता, आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने वाला एक सशक्त माध्यम बताते हुए राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि यह उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। उन्होंने भगवान श्री गणेश से सभी के जीवन से विघ्न-बाधाएं दूर करने और प्रत्येक परिवार में सुख-शांति व समृद्धि बनाए रखने की मंगल कामना की। महाआरती के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी सर्वकल्याण की प्रार्थना की।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान में जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक साईं कृष्ण थोटा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन और परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर राखी बडोले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त, दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य विकास नारोलिया, तहसीलदार सुनील शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने भी इस आयोजन में भाग लिया।
भक्तिपूर्ण माहौल में महाप्रसाद वितरण
पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण छाया रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के जयकारों के बीच महाआरती का लाभ उठाया। कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था, जहाँ देर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा। धार्मिक विधि-विधान और अनुष्ठानों के संपन्न होने के उपरांत सभी उपस्थित लोगों को महाप्रसाद वितरित किया गया। इस आयोजन ने स्थानीय स्तर पर धर्म और संस्कृति के समन्वय को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया और यह क्षेत्र में भक्ति व उल्लास का एक प्रमुख केंद्र बना रहा।
