नरसिंहगढ़: नगर सुरक्षा समिति को मिले पहचान पत्र, थाना प्रभारी ने स्वयं किया सम्मान
नरसिंहगढ़ में नगर सुरक्षा समिति के 40 सदस्यों को पहचान पत्र बांटे गए। थाना प्रभारी गुंजा सोलंकी ने सदस्यों के योगदान की सराहना की और...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 11 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ में नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए सम्मानित किया गया। शनिवार को गणेश चौक स्थित गणेश मंदिर परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में, समिति के 40 समर्पित सदस्यों को आधिकारिक पहचान पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर स्थानीय थाना प्रभारी गुंजा सोलंकी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, जिन्होंने समिति के सदस्यों के अथक प्रयासों और समाज के प्रति उनके योगदान की खुलकर सराहना की।
वर्ष 1998 से निरंतर सक्रिय यह समिति, नरसिंहगढ़ में सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्तमान में समिति में 17 युवतियां और 23 युवक शामिल हैं, जो विभिन्न त्योहारों, सार्वजनिक आयोजनों और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर बिना किसी मानदेय के सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में अपना बहुमूल्य समय और श्रम देते हैं।
निराशा और प्रोत्साहन की अपेक्षा
कार्यक्रम के दौरान, नगर सुरक्षा समिति के अध्यक्ष दिलीप गोस्वामी ने सदस्यों द्वारा किए जा रहे निस्वार्थ कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासन-प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि भले ही समिति को वित्तीय सहायता प्रदान न की जाए, किंतु सदस्यों के मनोबल को बनाए रखने के लिए समय-समय पर उनका प्रोत्साहन अत्यंत आवश्यक है। गोस्वामी ने बताया कि यह समिति पूर्णतः स्वैच्छिक है और वर्षों से केवल नगरहित को सर्वोपरि रखकर कार्य कर रही है, जिसके लिए सदस्यों को किसी प्रकार का पारिश्रमिक नहीं मिलता है।
पत्रकारों का सम्मान और भविष्य की प्रतिबद्धता
पहचान पत्र वितरण के मुख्य कार्यक्रम के साथ-साथ, नगर के पत्रकारों को भी उनके सूचनाओं के प्रसार और समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर, समिति के सभी सदस्यों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन और भविष्य में भी नरसिंहगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था में पूर्ण सहयोग देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। यह पूरा आयोजन एक सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने समिति के सदस्यों के प्रति सार्वजनिक सम्मान और कृतज्ञता का भाव जागृत किया। सदस्यों ने अपनी सेवा भावना को ही अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
