नरसिंहगढ़ में 501 मीटर की चुनरी यात्रा, नवरात्रि पर भक्तिमय हुआ शहर
नरसिंहगढ़ में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर 501 मीटर लंबी विशाल चुनरी यात्रा निकाली गई। यह 12 वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा का...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 14 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ शहर में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। शीतला माता मंदिर से 501 मीटर लंबी एक विशाल चुनरी यात्रा का आयोजन किया गया, जिसने पूरे शहर को भक्ति के रंग में रंग दिया। दोपहर चार बजे विधि-विधान से प्रारंभ हुई इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की मधुर ध्वनि के बीच, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने इस भव्य यात्रा में शामिल होकर अपनी आस्था व्यक्त की। यात्रा का आकर्षण सुसज्जित रथ पर विराजमान कन्याएं थीं, जिन्होंने मां दुर्गा और काली के स्वरूपों का प्रतिनिधित्व किया। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें छारबाग, सुभाष चौक, पांडव चौराहा, मुख्य बाजार और शाजापुर चौराहा शामिल थे, और अंततः चोपड़ा हनुमान मंदिर पहुंची।
धार्मिक परंपरा और स्वागत
मार्ग के विभिन्न चौराहों पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर चुनरी यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा वातावरण माता के जयकारों से गुंजायमान रहा, जो शहर की धार्मिक एकता का प्रतीक था। चोपड़ा हनुमान मंदिर पहुंचने पर, मां अन्नपूर्णा को 501 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की गई। इसके पश्चात, महंत दीपेंद्र दास, पुजारी सुरेश शास्त्री, पंडित महेश शर्मा और समिता झंवर ने संयुक्त रूप से महाआरती संपन्न कराई, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
आयोजन में गणमान्य सहभागिता
इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन में पूर्व विधायक गिरीश भंडारी, नगर पालिका अध्यक्ष कविता लोकेंद्र वर्मा, उर्मिला उपाध्याय और राजेश बिहानी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। पुलिस प्रशासन की ओर से एसडीओपी चौहान और थाना प्रभारी गुंजा सौंलकी ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो सकी।
निरंतरता और आस्था का प्रदर्शन
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह धार्मिक परंपरा पिछले 12 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। इस वर्ष की चुनरी यात्रा ने एक बार फिर नगर की धार्मिक एकता और सांस्कृतिक आस्था को मजबूती से प्रदर्शित किया है। श्रद्धा के इस सैलाब में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने मां भगवती की भक्ति में अपनी गहरी आस्था प्रकट की और समूचे नगर को एक सूत्र में पिरोया।
