मंदसौर: नकली दूध-घी फैक्ट्री का भंडाफोड़, पाम ऑयल और पाउडर बरामद
गरोठ पुलिस ने खेजड़िया भूप गांव में एक घर में संचालित नकली दूध और घी बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा। मौके से पाम ऑयल, दूध पाउडर और अन्य सामग्री जब्त की गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | मंदसौर | 29 सितंबर 2026
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के खेजड़िया भूप गांव में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली दूध और घी तैयार करने वाली एक कथित फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने गांव में एक घर पर दबिश दी, जहां घर के अंदर ही मिलावटी दूध और घी बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। पुलिस की अचानक कार्रवाई से फैक्ट्री संचालक और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीरूसिंह और रामसिंह नामक व्यक्तियों के घर में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी। पुलिस ने मौके से दूध बनाने में उपयोग होने वाले पाउडर के कई कट्टे, घी तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला पाम ऑयल, नीले रंग के बड़े ड्रम, कंटेनर और अन्य सामग्री बरामद की है। इन सामग्रियों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल, बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा
पुलिस द्वारा जब्त की गई सामग्री के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें खाद्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप थी या नहीं और इससे तैयार होने वाला दूध व घी किस श्रेणी का था। यह कार्रवाई खासकर उन लोगों के लिए चिंताजनक है, जिनके बच्चे इस तरह के दूध का सेवन करते होंगे। जानकारों के अनुसार, यदि मिलावटी या मानकों के विपरीत तैयार दूध बच्चों तक पहुंचता है, तो इससे पेट दर्द, उल्टी-दस्त, संक्रमण और खाद्य विषाक्तता जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे घटिया खाद्य पदार्थों के सेवन से बच्चों के पोषण और समग्र स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
क्षेत्र में पहले भी हुई हैं ऐसी कार्रवाईयां
यह पहली बार नहीं है जब सुवासरा क्षेत्र में मिलावटी दूध के कारोबार का खुलासा हुआ हो। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लगभग तीन माह पूर्व भी चचावदा पठारी और कोटला बुजुर्ग क्षेत्रों में इसी तरह की दूध से संबंधित गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। क्षेत्र में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद दूध की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खेजड़िया भूप में हुई हालिया कार्रवाई के बाद अब लोगों की निगाहें खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट और उसके द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में मिलावटी दूध और घी के कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, और लोग सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
