BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

माँ तुझे प्रणाम योजना: नरसिंहगढ़ के दो स्वयंसेवक राष्ट्र सेवा का संकल्प लेंगे

नरसिंहगढ़ के शासकीय महाविद्यालय के दो एनएसएस स्वयंसेवकों का मध्यप्रदेश की 'माँ तुझे प्रणाम' योजना के तहत चयन हुआ है। वे रीवा में आयोजित कार्यक्रम...

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
संवाददाता: महेंद्र शर्मा
माँ तुझे प्रणाम योजना: नरसिंहगढ़ के दो स्वयंसेवक राष्ट्र सेवा का संकल्प लेंगे

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 23 सितंबर 2026

मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी 'माँ तुझे प्रणाम' योजना के तहत नरसिंहगढ़ के शासकीय महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के दो स्वयंसेवकों, सपन सक्सेना और मंजीत सिंह उमठ का चयन किया गया है। यह चयन सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्थलों का भ्रमण कराना है, ताकि वे भारतीय सैनिकों के जीवन, उनके बलिदान और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को समझ सकें। इस पहल के माध्यम से युवाओं के मन में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को और सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाता है।

रीवा में देशभक्ति का अनुभव

चयनित दोनों स्वयंसेवक 18 से 21 सितंबर 2026 तक रीवा, मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान वे राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका और देशसेवा के विभिन्न पहलुओं से अवगत होंगे।

महाविद्यालय परिवार ने दोनों विद्यार्थियों के इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। प्राचार्य डॉ. चेतन त्रिपाठी, एनएसएस अधिकारी डॉ. दीपक शाक्यवार और अन्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने चयनित स्वयंसेवकों की यात्रा की सफलता, सुरक्षा और मंगलमय कामना की है।

महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन विद्यार्थियों का चयन संस्थान और एनएसएस इकाई के लिए गौरव का विषय है। यह अवसर महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी भविष्य में सामाजिक सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे उनमें भी उत्साह का वातावरण बनेगा और वे राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।