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माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय परिसर में नीम के चार पौधे रोपित

सहारनपुर स्थित माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. विमला वाई और कार्यपरिषद सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ नीम के चार पौधे रोपे।

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•संवाददाता: ललित दुबे
माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय परिसर में नीम के चार पौधे रोपित

सहारनपुर | संवाददाता: ललित दुबे

द क्लिफ न्यूज़ | सहारनपुर | 4 अक्टूबर 2026

माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर ने शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय परिसर में कुल 4 नीम के पौधे लगाए गए, जिसमें विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला वाई और नई कार्यपरिषद के सदस्यों ने सहभागिता की। कुलपति प्रो. विमला वाई ने इस अवसर पर बल दिया कि शिक्षण संस्थान केवल ज्ञान का केंद्र न होकर, सतत विकास और प्रकृति संवर्धन के संवाहक भी होने चाहिए। उन्होंने वृक्षों को प्रकृति की अमूल्य जीवित पूंजी बताते हुए कहा कि इनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का सामूहिक उत्तरदायित्व है।

विश्वविद्यालय में महामहिम राज्यपाल द्वारा नामित कार्यपरिषद के नए सदस्यों की पहली बैठक से पूर्व, पर्यावरण प्रेमी और कार्यपरिषद सदस्य डॉ. ओ.पी. चौधरी के आग्रह पर यह वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वृक्षारोपण अभियान में कुलपति प्रो. विमला वाई के साथ न्यायमूर्ति सतीश चंद्रा, प्रो. राजेन्द्र सिंह पुंढीर, प्रो. किरन साहू, प्रो. ओम प्रकाश चौधरी, कुलसचिव कमल कृष्ण, डॉ. संदीप कुमार और राजन लांबा भी शामिल हुए। यह संपूर्ण प्रक्रिया विश्वविद्यालय अभियंता इंजी. विवेक सिंह पुंढीर की देख-रेख में संपन्न हुई।

भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प

कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आज लगाए गए प्रत्येक पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ प्राणवायु और स्वस्थ जीवन का आधार बनेंगे। उन्होंने नीम के औषधीय गुणों पर प्रकाश डालते हुए इसके महत्व को रेखांकित किया। डॉ. चौधरी ने बताया कि नीम विपरीत परिस्थितियों में भी हरा-भरा रहता है और मानव, पशु तथा कृषि सभी के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने विश्वविद्यालय को एक ऐसे आदर्श परिसर के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया, जो हरित हो, नवाचार युक्त हो और भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप हो।

सुरक्षा और निरंतर देखभाल का प्रबंध

विश्वविद्यालय प्रशासन के इस प्रयास की सफलता के लिए कुलपति प्रो. विमला वाई के प्रयासों की सराहना की गई। रोपित किए गए पौधों की निरंतर देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्री सन्नी को पालक नियुक्त किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ये नवजात वृक्ष भविष्य में विशाल वृक्ष बनकर सभी को छाया और शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर सकें। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह कदम कैंपस को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में देखा जा रहा है।