महोबा की अंबेडकर पाठशालाओं में गांधी-शास्त्री जयंती पर प्रतियोगिताओं का आयोजन
महोबा जिले के चरखारी और रिछा में स्थित डॉ. अंबेडकर पाठशालाओं में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर निबंध, भाषण और कविता...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 4 अक्टूबर 2026
महोबा जिले के चरखारी और कुलपहाड़ क्षेत्र के ग्राम रिछा में स्थित डॉ. अंबेडकर पाठशालाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर, अंबेडकर पाठशाला शिक्षा सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क पाठशालाओं में छात्रों के लिए निबंध, भाषण और कविता प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, साथ ही एक विशेष संगोष्ठी भी हुई।
चरखारी के खंदिया में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा पटनाहा राजपूत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, स्वच्छता, सत्य और अहिंसा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रहित के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। अधिवक्ता पटनाहा ने गांधीजी के सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में उनके योगदान को याद किया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री के 'जय जवान, जय किसान' के नारे को देश की एकता और प्रगति का प्रतीक बताया। उन्होंने युवाओं से इन महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
प्रतियोगिताओं में मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार
चरखारी की पाठशाला में आयोजित प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें भाषण स्पर्धा में खुशबू प्रथम, इच्छा द्वितीय और संध्या तृतीय स्थान पर रहीं। निबंध लेखन प्रतियोगिता में रागिनी अव्वल रहीं, जबकि छाया और हिमांशी ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। कविता प्रतियोगिता में सविता, नमन और उमाशंकर ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इन सभी मेधावी छात्रों को पुरस्कार के तौर पर शैक्षिक सामग्री और परीक्षा पैड प्रदान किए गए।
ग्राम रिछा में भी महापुरुषों को किया नमन
कुलपहाड़ के ग्राम रिछा में स्थित पाठशाला में भी एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाजसेवी संस्थान के रामेश्वर प्रसाद विश्वकर्मा, मंजु पाठक, भारती और महेंद्र कुमार ने उपस्थिति दर्ज कराई। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर महापुरुषों के जीवन दर्शन और उनके संघर्षों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। स्थानीय शिक्षकों और कार्यकर्ताओं ने इन आयोजनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को देश के महान नेताओं के त्याग, बलिदान और नैतिक मूल्यों से अवगत कराना था, ताकि वे प्रेरित हो सकें।
