मध्यप्रदेश पुलिस की 'शक्ति कैफे' पहल का 18वां केंद्र शुरू, महिलाओं को स्वावलंबन का अवसर
भोपाल में 18वें 'शक्ति कैफे' का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य अपराध और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 23 सितंबर 2026
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपराध एवं हिंसा से प्रभावित महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित 'शक्ति कैफे' पहल का आज भोपाल में 18वां केंद्र जीआरपी मुख्यालय के समीप खोला गया। इस अवसर पर 'परिमल कैंटीन' का भी शुभारंभ किया गया, जो सामुदायिक पुलिसिंग के तहत महिलाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।
वर्ष 2022 में 'सेफ स्पेसेज फॉर वूमेन इन अर्बन एरिया' और 'सेफ टूरिज्म फॉर वूमेन' जैसी अवधारणाओं के अंतर्गत शुरू की गई 'शक्ति कैफे' पहल का मुख्य लक्ष्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, जो घरेलू हिंसा या अन्य विषम परिस्थितियों से गुजर रही हैं और अपने जीवन को पुनः स्थापित करना चाहती हैं। पुलिस थानों या सार्वजनिक स्थलों के पास इन कैफे की स्थापना से महिलाओं को न केवल रोजगार मिलता है, बल्कि पुलिस सहायता तक उनकी पहुंच भी सुगम हो जाती है।
आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन की ओर कदम
डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग, श्री विनीत कपूर, ने बताया कि 'शक्ति कैफे' का मूल उद्देश्य केवल कानूनी सहायता तक सीमित न रहकर महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला अपने जीवन में निर्णय लेने की अधिक क्षमता रखती है और हिंसा के चक्र से बाहर निकलने में सक्षम होती है। इस पहल को सामुदायिक पुलिसिंग के एक प्रभावी मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
श्री कपूर ने यह भी जानकारी दी कि कैफे संचालित करने वाली महिलाओं को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के माध्यम से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। विभिन्न सहयोगी संस्थाएं इन महिलाओं को कैटरिंग, खाद्य निर्माण, स्वच्छता और हाइजीन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी प्रदान करती हैं। कई महिलाओं ने समय से पूर्व ऋण चुकाकर अपनी आत्मनिर्भरता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सामुदायिक पुलिसिंग का अभिनव प्रयोग
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, भोपाल, श्रीमती मोनिका शुक्ला, ने 'शक्ति कैफे' पहल के विस्तार और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका केवल अपराध दर्ज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन की ओर वापस लाने में सहयोग करना भी सामुदायिक पुलिसिंग का महत्वपूर्ण अंग है।
कार्यक्रम के दौरान, महिला पुलिस अधिकारियों ने 'शक्ति कैफे' संचालित करने वाली महिलाओं के संघर्ष और आत्मनिर्भरता की भावना को सराहा। एसीपी संतोष पटेल को शाहजहानाबाद क्षेत्र की एक महिला को 'शक्ति कैफे' स्थापित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए सम्मानित भी किया गया। इस पहल के माध्यम से कई महिलाओं ने अपने व्यवसाय शुरू किए हैं और अन्य महिलाओं को रोजगार भी प्रदान कर रही हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और विस्तार की योजना
'शक्ति कैफे' पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सामुदायिक पुलिसिंग की एक सर्वश्रेष्ठ अभ्यास के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसका प्रस्तुतिकरण राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भी हुआ है और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने महिला सुरक्षा व पर्यटन से संबंधित राष्ट्रीय मंचों पर इसके अनुभव साझा किए हैं। अब इस मॉडल को 'सेफ टूरिज्म फॉर वूमेन' पहल से जोड़कर प्रमुख पर्यटन स्थलों और शहरी क्षेत्रों तक विस्तारित करने की योजना है।
कार्यक्रम में ऐसी बुजुर्ग और निराश्रित महिलाओं को चिन्हित कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर भी बल दिया गया, जिन्हें परिवार से पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता। संबंधित विभागों और संस्थाओं के समन्वय से उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई।
गुणवत्तापूर्ण सेवा और उद्यमी के रूप में महिलाओं को प्रोत्साहन
पुलिस अधिकारियों ने 'शक्ति कैफे' संचालिकाओं से स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। लंबे समय तक ड्यूटी पर रहने वाले पुलिस अधिकारियों के लिए परिसरों के आसपास स्वास्थ्यप्रद भोजन की सुविधा की महत्ता को भी रेखांकित किया गया। 'परिमल कैंटीन' के शुभारंभ को महिलाओं को दया या सहायता की पात्र के रूप में नहीं, बल्कि अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने वाली उद्यमी के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
मध्यप्रदेश पुलिस 'सुरक्षा से स्वावलंबन की ओर बढ़ते कदम' के नारे के साथ सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से महिला सुरक्षा के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। 'शक्ति कैफे' जैसे नवाचारों से पुलिस और समुदाय के बीच विश्वास और सहयोग मजबूत हो रहा है। कार्यक्रम में इस पहल में सहयोग करने वाले विभिन्न सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एआईजी अमृत मीणा ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. इलैयाराजा टी. (प्रबंध निदेशक, मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम), डॉ. मनोज कुमार सिंह (डायरेक्टर, उच्च शिक्षा), श्रीमती मोनिका शुक्ला (अतिरिक्त पुलिस आयुक्त), डॉ. विनीत कपूर (डीआईजी सामुदायिक पुलिसिंग) सहित भोपाल पुलिस कमिश्नरेट और जीआरपी के अधिकारी-कर्मचारी, 'शक्ति कैफे' से जुड़ी महिलाएं, सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
