किसान यूनियन ने उठाई सात सूत्रीय मांगें, पीएम को भेजा ज्ञापन
इटावा में भारतीय किसान यूनियन भानु ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। संगठन ने किसान आयोग गठन, उपज का उचित मूल्य...

इटावा | संवाददाता: मनोज कुमार
द क्लिफ न्यूज़ | इटावा | 21 सितंबर 2026
भारतीय किसान यूनियन भानु के स्थानीय पदाधिकारियों ने किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तत्काल समाधान की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को एक सात सूत्रीय ज्ञापन इटावा के जिलाधिकारी को सौंपा है। संगठन ने केंद्र सरकार से नीतिगत स्तर पर सुधारों के माध्यम से किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा करने का आग्रह किया है।
सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से एक शक्तिशाली 'किसान आयोग' के गठन की मांग की गई है। इस आयोग का कार्य समय-समय पर किसानों की समस्याओं और उनकी कृषि संबंधी स्थितियों का गहन मूल्यांकन करना होगा। इसके साथ ही, ज्ञापन में कृषि उपज की खरीद प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसानों को उनकी मेहनत की फसल के लिए लाभकारी और उचित मूल्य सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। संगठन ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकारी स्तर पर एक मजबूत ढांचा तैयार करने की आवश्यकता बताई है।
ग्रामीण सेवाओं में सुधार की मांग
किसानों की आर्थिक मांगों के अतिरिक्त, ज्ञापन में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई है। यूनियन ने ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति सुनिश्चित करने और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार लाने की अपील की है। यह मांग ग्रामीण आबादी के लिए आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
अन्य प्रमुख मुद्दे
ज्ञापन में आम जनता को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से टोल टैक्स व्यवस्था में सुधार का भी उल्लेख है। संगठन ने सरकारी कर्मचारियों और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय व्यक्तियों के कार्यों में अधिक पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त एवं त्वरित कार्रवाई करने की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, जिन जवानों और किसानों की दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई है, उनके परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है।
भारतीय किसान यूनियन भानु ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो संगठन एक बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। इस ज्ञापन सौंपने के अवसर पर शालू अली, सिमरन, मनोज कुमार कठेरिया, मोहित राठौर और मोहम्मद हनीफ सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
