केंद्रीय दुर्गा पूजा महासमिति ने पूजा समितियों को किया सम्मानित, भविष्य की तैयारियों पर मंथन
बलरामपुर में केंद्रीय दुर्गा पूजा महासमिति ने पूजा समितियों के पदाधिकारियों को सम्मानित किया। भविष्य में महोत्सव को और भव्य व सुव्यवस्थित बनाने पर भी...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 28 अक्टूबर 2026
बलरामपुर में श्री संकट मोचन हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ केंद्रीय दुर्गा पूजा महासमिति ने विभिन्न माँ दुर्गा पूजा पंडाल समितियों के पदाधिकारियों को उनके समर्पण और उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव को और अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए भविष्य की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
महासमिति के अध्यक्ष दिलीप कुमार गुप्ता ने इस दौरान सभी पूजा समितियों के सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अनुशासन, समर्पण और आपसी सहयोग का अद्भुत परिचय दिया। उन्होंने कहा कि समितियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। यह सम्मान न केवल उनके कार्यों की स्वीकृति है, बल्कि भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा भी है।
व्यवस्थागत सुधारों पर जोर
आभार एवं सम्मान समारोह के दौरान, महासमिति ने इस वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव के आयोजन के दौरान सामने आई व्यवस्थागत कमियों का निष्पक्ष विश्लेषण भी किया। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य आगामी वर्षों में बेहतर समन्वय स्थापित करना, प्रबंधन को और सुव्यवस्थित करना तथा आवश्यक तैयारियों को अधिक पुख्ता बनाना रहा है। महासमिति ने भविष्य में महोत्सव को एक अधिक भव्य एवं सुनियोजित स्वरूप प्रदान करने का संकल्प लिया है, ताकि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक
इस महत्वपूर्ण आयोजन में मिथिलेश गिरी, इष्ट देव, प्रदीप कुमार गुप्ता, संजय अग्रवाल, अमर सिंह गोलू, संतोष कुमार, गिरीश गुप्ता, दीपू अग्रहरि, अनूप कौशल, अंकुर कसौधन, रजत सोनी, पंकज कनोडिया, शुभम पांडे, अनु कश्यप, निशांत मणि त्रिपाठी, बंटी सोनी, अंकित और अखिलेश सहित दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह के समापन पर, महासमिति ने सभी पूजा समितियों, स्थानीय पदाधिकारियों और सहयोगियों के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल सम्मान का मंच बना, बल्कि भविष्य के उत्सवों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी साबित हुआ।
