कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि पर बसपा कार्यकर्ताओं का लखनऊ कूच
बरेली से बसपा के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता कांशीराम के 20वें परिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ पहुंचे और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 9 अक्टूबर 2026
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं में व्यापक उत्साह देखा गया। बरेली से सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का एक जत्था लखनऊ के लिए रवाना हुआ, जहाँ उन्होंने कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह आयोजन पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार आयोजित किया गया था।
फतेहगंज पश्चिमी से मीरगंज विधानसभा प्रभारी अनार सिंह सागर और विधानसभा अध्यक्ष सर्वेश कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लखनऊ की यात्रा की। बरेली जिला अध्यक्ष डॉक्टर जयपाल सिंह के दिशा-निर्देशों पर यह यात्रा आयोजित हुई।
कार्यक्रम का आयोजन और लखनऊ के लिए प्रस्थान
लखनऊ रवाना होने से पूर्व बरेली के झुमका चौराहे पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष डॉक्टर जयपाल सिंह ने हरी झंडी दिखाकर विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं की बसों को लखनऊ के लिए रवाना किया। इस काफिले में फतेहगंज पश्चिमी, मीरगंज, शाही, शीशगढ़ और शेरगढ़ जैसे क्षेत्रों के सक्रिय पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल थे।
लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा
9 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान, बरेली से पहुंचे सभी प्रतिनिधियों ने मान्यवर कांशीराम को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिसमें जितेंद्र कुमार, नगर अध्यक्ष अहसान रजा अंसारी, सेक्टर अध्यक्ष मोहन स्वरूप, विधानसभा महासचिव इंद्रपाल और पंकज सागर उर्फ गौरव सिंह शामिल थे, ने कांशीराम के आदर्शों को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा में मुकेश सागर, डॉक्टर फूल सिंह, मोहम्मद हसीब अंसारी, धर्मेंद्र कुमार, ओम प्रकाश, सुमित कुमार, शुभम सिंह, रमेश कुमार, राजवीर, महेश चंद शर्मा, विशाल, राम सिंह, रोशन लाल, संजीव शर्मा, जागन लाल, अमरजीत, विष्णु, अंकित, अमन, सुमित, रमेश पाल सिंह और ओंकार सिंह जैसे कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से अपने नेता के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार साझा किए और कांशीराम के सामाजिक और राजनीतिक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यकर्ताओं ने पूरी यात्रा के दौरान अनुशासित आचरण बनाए रखा।
