कलेक्टर ने बैंकर्स को दिए कड़े निर्देश, ऋण वितरण में तेजी का आह्वान
दमोह कलेक्टर ने शासकीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। पीएम स्वनिधि योजना के लंबित प्रकरण सात दिनों...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: अनिल राठौर
द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 23 सितंबर 2026
दमोह जिले में सरकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की गति बढ़ाने के लिए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बैंक अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय बैंकर्स समिति और समीक्षा समिति की बैठक में, कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति पर गहन समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे, नाबार्ड प्रतिनिधि राजन तोमरी, आरबीआई एजीएम मनोज कुमार, लीड बैंक प्रबंधक एम.एस. सिद्दीकी और विभिन्न विभागों के अधिकारी व बैंकर्स मौजूद रहे। चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना के साथ-साथ टंट्या मामा, डॉ. भीमराव अंबेडकर, संत रविदास और विद्यासागर जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया।
ऋण प्रकरणों में तेजी और स्पष्टता का निर्देश
कलेक्टर ने ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए दस्तावेजों की एक स्पष्ट चेकलिस्ट तैयार कर संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रकरणों को पूर्ण कर बैंकों तक समय पर पहुंचाया जा सके और स्वीकृति में लगने वाला अनावश्यक समय बचाया जा सके। जिन विभागों द्वारा लक्ष्य से कम आवेदन प्रस्तुत किए गए थे, उन्हें अब लक्ष्य का 150 प्रतिशत प्रकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि चयन प्रक्रिया को सुगम बनाया जा सके।
कामधेनु योजना में धीमी प्रगति पर नाराजगी
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने बैंकर्स की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक आवेदन प्राप्त होने के बावजूद केवल 4 प्रकरणों में ही ऋण स्वीकृत हुआ है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत ऋण प्रकरणों को अनावश्यक रूप से होल्ड पर न रखा जाए और ऋण स्वीकृति के बाद समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। ब्याज की गणना भी वास्तविक वितरण के बाद ही की जानी चाहिए।
पीएम स्वनिधि के लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत, बैंकर्स ने सात दिनों के भीतर सभी पात्र लंबित प्रकरणों को स्वीकृत करने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने बैंकिंग संस्थानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने नियमित संवाद बनाए रखने की अपेक्षा की ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि बैंक ऋण और सब्सिडी का लाभ बिना किसी देरी के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। बैठक के अंत में, सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने के निर्देश दिए गए।
