जैन विमानोत्सव का निमंत्रण, मुनिश्री ने बताई मोक्ष की राह
राधौगढ़ में उत्तम तप धर्म के अवसर पर मुनि श्री श्रमण सागर जी महाराज ने सांसारिक इच्छाओं के त्याग को मोक्ष का मार्ग बताया। जैन...

राधौगढ़ | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | राधौगढ़ | 22 सितंबर 2026
जैन धर्म के पवित्र दसलक्षण महापर्व के सातवें दिन, राधौगढ़ में उत्तम तप धर्म का आयोजन अत्यंत उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जैन मुनि श्री श्रमण सागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सांसारिक प्राणी निरंतर ईर्ष्या, क्रोध, प्रतिशोध और काम-वासना जैसे विकारों में फंसे रहते हैं। उन्होंने आत्मा से परमात्मा बनने की यात्रा के लिए तप के महत्व पर जोर दिया, जिसकी तुलना मक्खन को तपाकर घी और मिट्टी को पकाकर घड़ा बनाने से की। उन्होंने इस संदर्भ में समझाया कि जिस प्रकार कच्चे माल को परिष्कृत करने के लिए ताप की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार आत्मा की शुद्धि और उत्कर्ष के लिए तप अनिवार्य है। यह आध्यात्मिक प्रक्रिया व्यक्ति को आंतरिक शांति और आत्म-नियंत्रण की ओर ले जाती है, जिससे वह अपनी चेतना के उच्चतर स्तरों का अनुभव कर पाता है।
मुनिश्री ने 'इच्छा निरोध: तप:' को मूल मंत्र बताते हुए स्पष्ट किया कि सभी प्रकार की सांसारिक इच्छाओं का त्याग ही सच्चा तप धर्म है। उन्होंने जैन दर्शन में वर्णित छह अंतरंग (जैसे प्रायश्चित, विनय, वैयावृत्ति, स्वाध्याय, ध्यान, उत्सर्ग) और छह बहिरंग (जैसे उपवास, एक समय भोजन, अनागारी उपवास, रस परित्याग, कायक्लेश, इन्द्रिय निग्रह), कुल बारह प्रकार के तपों का विस्तृत वर्णन किया। उनके अनुसार, इन तपों का निष्ठापूर्वक पालन करने से ही जीव सम्यक दर्शन, ज्ञान और चारित्र को प्राप्त कर मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी समझाया कि यह इच्छाओं का निरोध केवल बाहरी त्याग नहीं है, बल्कि मन की एक गहरी शुद्धि प्रक्रिया है, जो व्यक्ति को भौतिक सुखों से ऊपर उठने और आध्यात्मिक सत्य को अनुभव करने में मदद करती है।
जैन विमानोत्सव के लिए विधायक को निमंत्रण
उत्तम तप धर्म के इस शुभ अवसर पर, राधौगढ़ जैन समाज के अध्यक्ष सिंघाई अशोक कुमार भारिल्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मंत्री और स्थानीय विधायक जयवर्धन सिंह से भेंट की। समाज के सदस्यों ने विधायक को आगामी 27 सितंबर को आयोजित होने वाले भव्य जैन विमानोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का भावभीना निमंत्रण पत्र भेंट किया। यह विमानोत्सव जैन धर्म की समृद्ध परंपराओं का एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें विशेष धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समावेश होता है। समाज द्वारा इस आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
विधायक जयवर्धन सिंह ने समाज के इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने जैन समाज की आध्यात्मिक गतिविधियों और सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए इस आयोजन में अपनी उपस्थिति की पुष्टि की। उन्होंने समाज को विश्वास दिलाया कि वे इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस करेंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर स्थानीय जैन समुदाय में उत्साह का माहौल है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह विमानोत्सव जैन समाज के लिए विशेष महत्व रखता है और इसके सफल आयोजन की उम्मीदें प्रबल हैं, जो समुदाय की एकता और धार्मिक आस्था को और भी मजबूत करेगा।
