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इंदौर में 'हेल्थकॉन 2026' संपन्न: समग्र स्वास्थ्य पर मंथन, दो दिग्गजों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

इंदौर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'हेल्थकॉन 2026' का समापन। आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में योगदान देने वाली दो विभूतियों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

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इंदौर में 'हेल्थकॉन 2026' संपन्न: समग्र स्वास्थ्य पर मंथन, दो दिग्गजों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

द क्लिफ न्यूज़ | इंदौर | 1 नवंबर 2026

इंदौर के चोइथराम परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘HEALTHCON 2026 – National Holistic Health Conference’ का रविवार, 1 नवंबर को सफलता पूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन के दौरान देशभर से आए चिकित्सा विशेषज्ञों, आयुर्वेदाचार्यों, योग गुरुओं, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा, भारतीय चिकित्सा परंपराओं और विभिन्न उपचार पद्धतियों के बीच समन्वय पर गहन विचार-विमर्श किया। सम्मेलन के पहले दिन शनिवार, 31 अक्टूबर को विभिन्न ज्ञानवर्धक सत्रों के आयोजन के बाद दूसरे दिन योग, प्राणायाम, ध्यान और विशेषज्ञ सत्रों के साथ समापन हुआ।

सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण आकर्षण स्वास्थ्य और योग के क्षेत्र में आजीवन योगदान देने वाली दो प्रतिष्ठित विभूतियों को सम्मानित करना रहा। आयुर्वेद चिकित्सा में 45 वर्षों से अधिक समय तक निस्वार्थ सेवाएँ प्रदान करने वाले डॉ. आर.के. वाजपेयी को उनके अमूल्य योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया। इसी प्रकार, योग के प्रचार-प्रसार और भारतीय संस्कृति में इसके महत्व को विश्व स्तर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाले श्री श्याम शर्मा को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया। उपस्थित अतिथियों ने दोनों विभूतियों के कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की और उनके समर्पण को स्वास्थ्य जगत के लिए प्रेरणादायक बताया।

समग्र स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों का मंथन

सम्मेलन के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने समग्र स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और भावनात्मक कल्याण को भी स्वास्थ्य की परिभाषा में शामिल करने पर जोर दिया। विभिन्न भारतीय चिकित्सा पद्धतियों जैसे आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी को एक साझा मंच पर लाकर उनके बीच ज्ञान, अनुभव और अनुसंधान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य पर बल दिया गया। विशेषज्ञों का मानना था कि इन पद्धतियों के बीच समन्वय स्थापित करने से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जा सकता है, जिससे आम लोगों को एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल का लाभ मिल सके।

सम्मेलन के आयोजकों ने बताया कि 'हेल्थकॉन 2026' का मुख्य उद्देश्य विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञों को एक ही छत के नीचे लाना था, ताकि वे अपने अनुभव साझा कर सकें और समग्र स्वास्थ्य के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता विकसित कर सकें। इस दिशा में, सम्मेलन ने एक सफल मंच प्रदान किया जहाँ विभिन्न परंपराओं के चिकित्सकों ने मिलकर स्वास्थ्य की चुनौतियों का सामना करने के नए रास्ते तलाशे।

वैज्ञानिक अनुसंधान और पारंपरिक चिकित्सा का संगम

सम्मेलन में आयोजित शोध आधारित सत्रों और पैनल चर्चाओं में पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की वैज्ञानिक वैधता और आधुनिक विज्ञान के साथ उनके समन्वय की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। आयुर्वेदाचार्यों और एलोपैथिक चिकित्सकों ने इस बात पर सहमति जताई कि प्राचीन ज्ञान और आधुनिक शोध का मेल नई उपचार विधियों को जन्म दे सकता है, जो अधिक प्रभावी और दुष्प्रभावों से मुक्त हों। प्रतिभागियों ने योग, प्राणायाम और ध्यान जैसी अभ्यासों को न केवल निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए, बल्कि विभिन्न जटिल रोगों के प्रबंधन में भी सहायक बताया।

सम्मेलन के दूसरे दिन, रविवार, 1 नवंबर को योग एवं प्राणायाम के विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों को योगिक शुद्धि क्रियाओं का प्रदर्शन दिखाया गया और ध्यान का अभ्यास कराया गया। विशेषज्ञों ने योग को जीवन शैली का अभिन्न अंग बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं, जिन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के भविष्य की दिशाओं पर प्रकाश डाला।

भविष्य की दिशा और आयोजकों के लक्ष्य

‘HEALTHCON 2026’ के मीडिया प्रमुख डॉ. प्रमोद नंदवाल ने कहा कि सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान, अनुसंधान और आपसी सहयोग को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को एक एकीकृत दृष्टिकोण के तहत लाने का प्रयास किया गया है, ताकि समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को घर-घर तक पहुंचाया जा सके। यह सम्मेलन न केवल विचार-विमर्श का केंद्र बना, बल्कि इसने भविष्य में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सहयोग और नवाचार के लिए एक मजबूत नींव भी रखी।

सम्मेलन में इंदौर संभाग आयुक्त श्री भास्कर लक्षकार, प्रख्यात चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. गोपीचंद्रन, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. हिमांशु शर्मा, डॉ. मोहम्मद मोहसिन, डॉ. आनंद कुमार चतुर्वेदी, कार्यक्रम अध्यक्ष श्री अश्विनी वर्मा, मुख्य समन्वयक डॉ. हेमंत शर्मा और श्री अनिल अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रथम दिवस के अंत में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों के लिए एक सुखद अनुभव प्रदान किया।

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