गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य यात्रा 7.0: सीमावर्ती क्षेत्रों में तीन लाख लोगों को मिलेगी निशुल्क चिकित्सा सुविधा
नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन द्वारा 21-24 नवंबर 2026 तक सात जिलों के 300 गांवों में आयोजित गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7.0 के तहत तीन लाख...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 11 अक्टूबर 2026
नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन, अवध प्रांत द्वारा आगामी 21 से 24 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाली गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7.0 की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान का लक्ष्य भारत-नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के सात जिलों के लगभग 300 गांवों में रहने वाले तीन लाख से अधिक लोगों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। हाल ही में बलरामपुर के निदान हॉस्पिटल में आयोजित एक समन्वय बैठक में इस विशाल स्वास्थ्य महाअभियान की विस्तृत कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
इस वर्ष की यात्रा में भारत-नेपाल सीमा से लगे पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों के दुर्गम और दूरदराज के इलाकों में, विशेष रूप से थारू जनजाति बहुल क्षेत्रों में, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य है। जहां परंपरागत रूप से चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही है, वहां अब निशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
देशभर से जुटेंगे 1500 चिकित्सक, 150 संस्थान होंगे सहभागी
गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास और यात्रा के अध्यक्ष प्रो. एमएलबी भट्ट ने बैठक में बताया कि इस अभियान में देश भर से लगभग 1500 विशेषज्ञ चिकित्सकों और 150 प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों की सहभागिता अपेक्षित है। यह विशाल चिकित्सक दल इन सीमावर्ती क्षेत्रों में जरूरतमंदों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, जांच और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएगा। प्रो. भट्ट ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य केवल तात्कालिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना नहीं है, बल्कि इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समाधानों की दिशा में एक कदम आगे बढ़ना भी है।
यात्रा के जिला संयोजक राम कृपाल शुक्ल ने बताया कि बलरामपुर जिले में विशेष रूप से चार विकास खंडों के लगभग 70 गांवों को लक्षित किया गया है। इन गांवों में थारू समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है, जिनके लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अक्सर कठिन होती है। इन विशेष शिविरों में मरीजों के स्वास्थ्य की गहन जांच की जाएगी और उन्हें उचित उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सलाह भी दी जाएगी। बैठक में इन शिविरों के सफल आयोजन के लिए चिकित्सा टीमों की तैनाती, दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
अभियान की रूपरेखा और कार्य टोलियां
यात्रा की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कार्य टोलियों का गठन किया गया है, जिनमें आवास, प्रवास, परिवहन, दवा आपूर्ति, प्रचार-प्रसार और स्वयंसेवक प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि यह यात्रा केवल चिकित्सा शिविरों के आयोजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुदृढ़ करने और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का एक वृहद प्रयास है। बलरामपुर में आयोजित होने वाले मेगा स्वास्थ्य शिविर की विस्तृत रूपरेखा पर भी चर्चा की गई, जिसमें मरीजों के पंजीकरण से लेकर दवा वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को सुचारू और व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट, न्यासी डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह 'धीरू', राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक सौम्य अग्रवाल, विभाग प्रचारक प्रवीण, जिला प्रचारक जितेंद्र, सीमा जागरण मंच के उपाध्यक्ष प्रो. जेपी पांडेय और डॉ. शरद प्रताप सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। सभी उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया गया ताकि गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा का सातवां संस्करण अपने पूर्ववर्ती संस्करणों से भी अधिक सफल और ऐतिहासिक साबित हो सके। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित पक्षों को समयबद्ध तरीके से अपनी तैयारियां पूरी करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
