गुना पुलिस ने जाली नोटों के गिरोह का भंडाफोड़ किया, एक गिरफ्तार
गुना पुलिस ने बस स्टैंड के एक ढाबे पर जाली नोट खपाने की कोशिश कर रहे चंद्रेश अहिरवार को 47 नोटों के साथ गिरफ्तार किया...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 5 अक्टूबर 2026
गुना पुलिस ने बाजार में जाली मुद्रा खपाने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने 3 अक्टूबर 2026 की रात्रि को बस स्टैंड स्थित पंजाबी ढाबा पर जाली नोटों का प्रयोग करते हुए चंद्रेश अहिरवार नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के पास से कुल 47 जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनमें से 46 नोट 100 रुपये के थे।
घटना के अनुसार, चंद्रेश अहिरवार ने ढाबे पर भोजन करने के बाद भुगतान के लिए 100 रुपये का एक नोट दिया। नोट की प्रामाणिकता पर संदेह होने पर ढाबा संचालक ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। कोतवाली थाने की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और संदिग्ध की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, आरोपी के पास से 100-100 रुपये के 46 और जाली नोट मिले, जिससे कुल बरामद जाली नोटों की संख्या 47 हो गई।
गिरफ्तार आरोपी और शुरुआती पूछताछ
पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी की पहचान चंद्रेश पुत्र रामबाबू अहिरवार के रूप में की है, जो ग्राम बरखेड़ी गिर्द का निवासी है। आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 606/26 और भारतीय दंड संहिता की धारा 180 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई को पुलिस की एक प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसने जाली नोटों के प्रसार को रोकने में मदद की है।
जाली नोटों के स्रोत का पता लगाने का प्रयास
पुलिस अब इस मामले में एक व्यापक नेटवर्क की तलाश कर रही है। इसके लिए, आरोपी चंद्रेश अहिरवार को रिमांड पर लिया गया है ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य जाली नोटों की छपाई के स्थान का पता लगाना और इस अवैध धंधे में शामिल अन्य लोगों को गिरफ्तार करना है। थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस गिरफ्तारी में सराहनीय भूमिका निभाई है। फिलहाल, पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है और गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए प्रयास कर रही है।
